बिलाल खत्री
बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभागृह में जिला स्वास्थ्य समिति एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की उचित देखभाल समाज के समग्र विकास के लिए अनिवार्य है तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और संस्थागत प्रसव को बढ़ाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में कार्य करते हुए जिले में नवीन डिलीवरी पॉइंट्स शुरू किए जाएंगे। राजपुर विकासखंड अंतर्गत दोनोद और इकलबारा में शीघ्र ही 2 नए डिलीवरी पॉइंट शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही अन्य विकासखंडों में भी प्राथमिकता के आधार पर नए केंद्र संचालित किए जाएंगे।
इन केंद्रों के क्रियान्वयन से ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित, सुरक्षित और आपातकालीन प्रसव सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा उपकरणों, आवश्यक दवाओं और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
बैठक में दिए गए अन्य निर्देश-
1.अनमोल 2.0 पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और डीपीओ,महिला एवं बाल विकास को निर्देशित किया कि दोनों विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कैंप मोड पर कार्य करें। क्लस्टरवार शिविर आयोजित किए जाएं,ताकि शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं व शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके साथ ही पोर्टल पर प्रथम तिमाही में 97 प्रतिशत पंजीयन की उपलब्धि दर्ज किए जाने पर संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले की सराहना की।
2.सभी बीएमओ को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रसव पूर्व चारों एएनसी पंजीयन और स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, ब्लॉक स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की नियमित और सतत समीक्षा की जाए।
3.जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत जिन विकासखंडों में प्रकरणों की लंबितता अधिक है, वहाँ विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य कर लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
4.सिकल सेल एनीमिया, पीआईएच एवं गंभीर एनीमिया का प्रभावी तथा समयबद्ध प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
5.आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि आयुष्मान नोडल अधिकारी ब्लॉकवार डेटा प्राप्त कर सम्बंधित सीएचओ के साथ समन्वय स्थापित कर शेष पात्र लाभार्थियों एवं 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के कार्ड शीघ्र बनवाना सुनिश्चित करें।
6.नियमित टीकाकरण, सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी स्क्रीनिंग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं NQAS की समीक्षा की गई।
7.महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सैम,मैम एवं एसयूडब्ल्यू बच्चों तथा मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत दर्ज बच्चों के पोषण स्तर की समीक्षा की गई एवं नियमित फॉलो-अप बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर हेमलता सोलंकी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपाल सिंह ठाकुर, जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास आरएस गुंडिया सहित सभी विकासखण्ड के बीएमओ,बीपीएम,प्रोग्राम ऑफिसर,सीडीपीओ उपस्थित रहे।






