शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए गठित होगा जांच दल, जर्जर स्कूल एवं आंगनवाड़ी भवनों का परीक्षण करने के निर्देश
बिलाल खत्री
आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर की अध्यक्षता में समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में प्राप्त आवेदनों सहित विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने फार्मर रजिस्ट्री एवं स्वामित्व योजना के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समस्त अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें तथा आगामी सप्ताह तक अपेक्षित प्रगति लाएं। उन्होंने मैदानी अमले को सक्रिय कर प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही अथवा अपेक्षित प्रगति नहीं होने की स्थिति में संबंधित पटवारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिले में आवंटित समस्त खनिज खदानों का निरीक्षण करने के निर्देश भी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया कि जिले में संचालित समस्त एकलव्य विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जांच कर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें तथा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जिले में स्थित जर्जर स्कूल एवं आंगनवाड़ी भवनों का परीक्षण करने तथा आवश्यकता अनुसार अनुपयोगी एवं असुरक्षित भवनों को नियमानुसार डिस्मेंटल करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, विभिन्न निर्माण एजेंसियों को शासकीय निर्माणाधीन भवनों में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता एवं कार्यों के निरीक्षण के लिए जांच दल गठित किया जाएगा। जांच दल द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया जाए, जिनके आधार कार्ड अथवा समग्र आईडी में नाम संबंधी त्रुटि अथवा प्रविष्टि नहीं होने के कारण उन्हें मातृत्व सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है। ऐसी महिलाओं की आवश्यक दस्तावेजी कार्यवाही संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर पूर्ण कराई जाए, ताकि पात्र महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध हो सके।
उन्होंने समस्त विभाग प्रमुखों को 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों तथा जिले में आयोजित जन विश्वास शिविरों में प्राप्त आवेदनों का पात्रता के आधार पर प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही अपात्र पाए गए आवेदनों के संबंध में संबंधित आवेदकों को की गई कार्रवाई एवं अपात्रता के कारणों से अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिला श्रम अधिकारी को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत अधिकाधिक श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को आगामी दिनों में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय गौपाल पुरस्कार कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन करने के लिए निर्देशित किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को आगामी त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम हेतु सघन जांच अभियान संचालित कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को संबल योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों एवं पीड़ित परिवारों को अनुग्रह सहायता राशि का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले में प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी एवं व्यवस्थित कार्य योजना तैयार करे,निरक्षर एवं शिक्षा से वंचित वयस्कों एवं अन्य को चिह्नित किया जाए, जिन्हें पढ़ने-लिखने का अवसर उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सर्वे कर आवश्यकतानुसार शिक्षण केंद्रों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में कलेक्टर माथुर ने समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि आगामी समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति के साथ, लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की जाएगी। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिले तथा बिना किसी उचित कारण के कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में अपर कलेक्टर सोहन कनास,संयुक्त कलेक्टर प्रदीप सोनी , आकांक्षा अग्रवाल, मनोज गरवाल अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा , सविता राठी, दीपिका पाटीदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।





