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24 घंटे के भीतर अंधे कत्ल का मनावर पुलिस ने किया खुलासा

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धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री

हत्या के मामले में एक विधि-विरुद्ध बालक अभिरक्षा में, दो अन्य आरोपियों को भी लिया गया हिरासत में


दिनांक 23.09.2026 को फरियादी प्रभांशु उर्फ बिट्टू, निवासी अवलदमान द्वारा थाना मनावर पर रिपोर्ट की गई कि दिनांक 22.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे वह अपने दोस्त विकास, सावन एवं कान्हा के साथ ग्राम देवरा में ढोल ग्यारस का कार्यक्रम देखने गया था।

कार्यक्रम के दौरान जुलूस में नाचने की बात को लेकर अज्ञात व्यक्तियों से विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा फरियादी के दोस्त विकास पिता विजय किराडे, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम अवलदमान पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। वहीं सावन पिता शंकर धारवे भी चाकू लगने से घायल हुआ।

फरियादी द्वारा पीली टी-शर्ट पहने युवक एवं उसके साथियों पर संदेह व्यक्त किया गया।

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना मनावर में अपराध क्रमांक 656/2026, धारा 103(1), 118(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

24 घंटे में पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा (IPS) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मनावर दीपांशु (IPS) के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी मनावर राजेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की पतारसी के निर्देश दिए गए।

पुलिस टीम द्वारा पीली टी-शर्ट पहने संदेही की तलाश में तत्काल 12 से 15 गांवों में सर्चिंग की गई। साथ ही घटनास्थल एवं आसपास के वीडियो फुटेज तथा सक्रिय मुखबिर तंत्र के आधार पर संदिग्ध की पहचान एवं पतारसी की गई।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर पीली टी-शर्ट पहने विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में उसके द्वारा घटना में शामिल होना बताया गया तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर जुलूस में नाचने की बात को लेकर हुए विवाद में विकास पर चाकू से हमला करने एवं सावन को घायल करने की जानकारी दी गई।

विधि-विरुद्ध बालक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर दो अन्य आरोपियों को भी अभिरक्षा में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

कानूनी कार्रवाई एवं बाल संरक्षण
विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आदेशानुसार उसे बाल संप्रेक्षण गृह, झाबुआ भेजा गया।

बाल कल्याण अधिकारी द्वारा थाने के बाल मित्र कक्ष में विधि-विरुद्ध बालक को समझाइश देते हुए शिक्षा जारी रखने, जिम्मेदार नागरिक बनने एवं अपराधों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित परिजनों को भी बच्चों की उचित देखभाल, संरक्षण एवं मार्गदर्शन के संबंध में समझाइश दी गई।

उल्लेखनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में निरीक्षक राजेश यादव, उनि. प्रशांत पाल, उनि. शरद बर्डे, उनि. प्रकाश अलावा, सउनि. राजेश गहलोत, प्रआर. ललित कुमारावत, आर. रामेश्वर, साइबर आरक्षक प्रशांत का विशेष योगदान रहा।

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