वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई विभाग की पाक्षिक समीक्षा; साइबर तहसील और स्वामित्व योजना की प्रगति पर दी सख्त हिदायत
झाबुआ/भोपाल (ब्यूरो): मध्य प्रदेश शासन, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से विभाग के कामकाज की पाक्षिक समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण से लेकर नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता तक पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि लंबित मामलों का समाधान शीघ्र किया जाए और नागरिकों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
अनुकंपा नियुक्ति में देरी बर्दाश्त नहीं बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा रहा। प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि राजस्व विभाग के अंतर्गत अनुकंपा नियुक्ति के जो भी मामले लंबित हैं, उनमें प्रशासन मानवीय दृष्टिकोण अपनाए। नियमानुसार पात्रता रखने वाले आश्रितों को समय-सीमा के भीतर नियुक्ति प्रदान की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।
साइबर तहसील और स्वामित्व योजना की समीक्षा डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख सचिव ने साइबर तहसील के अंतर्गत पटवारी रिपोर्ट से संबंधित लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई और उन्हें तत्काल निराकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वामित्व योजना की प्रगति और निर्माण कार्यों की वित्तीय व भौतिक स्थिति की भी समीक्षा की गई।
राजस्व वसूली और विधानसभा प्रश्नों पर निर्देश बैठक में जिलों को सौंपे गए राजस्व वसूली के लक्ष्यों की समीक्षा की गई और निर्धारित समय में शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा, विधानसभा के लंबित प्रश्नों के उत्तर समय पर भेजने के निर्देश दिए गए ताकि विधायी कार्यों में कोई बाधा न आए।

झाबुआ से कलेक्टर सहित अधिकारी रहे मौजूद वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान झाबुआ एनआईसी कक्ष में कलेक्टर नेहा मीना, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर विजय कुमार मंडलोई सहित राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिले में चल रहे राजस्व कार्यों की वर्तमान स्थिति से प्रमुख सचिव को अवगत कराया।






