भक्ति के हिलोरे में लीन हुए हजारों श्रद्धालु, भव्य चल समारोह में गूंजे जयघोष
डोल ग्यारस महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, छोगाला सरकार के रंग में रंगा खट्टाली
बिलाल खत्री
बड़ी खट्टाली। चारभुजा धाम बड़ी खट्टाली में आयोजित ऐतिहासिक डोल ग्यारस (देव झुलनी एकादशी) महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हुआ। जिले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल इस पर्व में क्षेत्र सहित राजस्थान, गुजरात और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा खट्टाली नगर दिनभर “आलकी के पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंजता रहा।

महोत्सव की शुरुआत सुबह भगवान श्री चारभुजानाथ जी की मंगला आरती से हुई। इसके पश्चात प्रभात फेरी निकाली गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। श्रृंगार आरती के बाद क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आने वाली पदयात्राओं के खट्टाली पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे नगर की सड़कों पर आस्था का सैलाब दिखाई देने लगा।
दोपहर में विधि-विधान से ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान ग्यारह बंदूकों की सलामी ने माहौल को और भव्य बना दिया। इसके बाद भगवान श्री चारभुजानाथ जी की राजभोग आरती हुई तथा फलहारी छप्पन भोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर और नगर के प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच नजर आए।

हाथी-घोड़े और बग्घी के साथ निकला भव्य चल समारोह
दोपहर बाद उत्थापन आरती के पश्चात भगवान श्री चारभुजानाथ जी का भव्य चल समारोह निकला। भगवान की प्रतिमा को आकर्षक रूप से सजाकर हाथी, घोड़े और बग्घी के साथ नगर भ्रमण कराया गया। बैंड की मधुर धुनों, भजनों और जयघोष के बीच श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।
चल समारोह में नृत्य करते अश्व, सुसज्जित बग्घियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उड़ती रंग-बिरंगी गुलाल ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवी रंगों से भर दिया।
हर ओर कोन हमारे साथ हें श्री चार भुजा के नाथ हें “जय श्री चारभुजानाथ की”, “आलकी के पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष सुनाई देते रहे।

हथनी नदी तट पर हुआ जलाभिषेक और महाआरती
नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भगवान श्री चारभुजानाथ जी का चल समारोह हथनी नदी तट पहुंचा। यहां विधि-विधान से भगवान का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद नदी तट पर भव्य महाआरती आयोजित हुई। महाआरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रंगीन आतिशबाजी और बैंड की धुनों के बीच जब श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान की आरती की तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद चल समारोह पुनः चारभुजा मंदिर पहुंचा, जहां महाआरती एवं महाप्रसादी का आयोजन किया
विशेष प्रसाद बना आकर्षण
डोल ग्यारस के अवसर पर मंदिर में मिलने वाला मठड़ी, सागर और लड्डू का प्रसाद भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रसाद विशेष रूप से तैयार करवाया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने दर्शन के बाद श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।

दो माह की मेहनत से तैयार हुई भगवान की पोषाक
महोत्सव में भगवान श्री चारभुजानाथ जी की आकर्षक पोषाक भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों द्वारा करीब दो माह की मेहनत से तैयार की गई पोषाक में भगवान का दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विषय बना रहा विशेष रूप से प्रदीप पंवार,गोविंद सेन, कैलाश परवाल व अन्य का सहयोग सराहनीय रहा।
व्यवस्थाओं में जुटे रहे समाजजन और प्रशासन
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर ग्राम के विभिन्न समाजजनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई तथा पुलिसकर्मी पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे।
चारभुजा महोत्सव समिति, ग्रामवासियों, समाजजनों एवं प्रशासन के सहयोग से डोल ग्यारस महोत्सव शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान खट्टाली “छोगाला सरकार” की भक्ति के रंग में रंगा नजर आया और हजारों श्रद्धालु प्रभु श्री चारभुजानाथ जी की भक्ति में लीन दिखाई दिए।
सुरक्षा इंतजाम
स्थानीय चौकी प्रभारी ने बताया की ज़िला पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के सफल मार्गदर्शन में सम्पूर्ण व्यवस्था देखी जा रही है। जोबट अनुभाग के एसडीओपी आशुतोष पटेल व टीआई विजय वास्कले चौकी प्रभारी मदन सिंह किराड़े पूरे स्टाफ़ के साथ घूमकर सारी व्यवस्थाओं का जायज़ा लेते रहे है।





