डोल ग्यारस महोत्सव में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, उड़ेगी रंग-बिरंगी गुलाल
बिलाल खत्री
आलीराजपुर जिले के बड़ी खट्टाली में भगवान श्री चारभुजानाथ जी का ऐतिहासिक डोल ग्यारस महोत्सव इस वर्ष भी बड़े धूमधाम और श्रद्धा-उल्लास के साथ मनाया जाएगा। कल, मंगलवार को आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक पर्व को लेकर तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। ग्राम की धार्मिक पहचान बन चुका यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और उत्साह का विशेष केंद्र रहेगा।
मंगला आरती से शुरू होगा धार्मिक आयोजन
डोल ग्यारस महोत्सव का शुभारंभ सुबह 6 बजे मंगला आरती के साथ होगा। इसके पश्चात प्रभात फेरी निकाली जाएगी। सुबह 9 बजे श्रृंगार आरती के बाद क्षेत्र के विभिन्न गाँवों से आने वाली पदयात्राओं का बड़ी खट्टाली में प्रवेश शुरू होगा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं के ग्राम में पहुँचने से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
सुबह 11:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजारोहण किया जाएगा। परंपरा के अनुसार ध्वजारोहण के अवसर पर 11 बंदूकों की सलामी दी जाएगी। इसके तुरंत बाद भगवान श्री चारभुजानाथ जी की राजभोग आरती होगी तथा उन्हें फलाहारी छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा।
सांवरिया सेठ के कारीगर तैयार कर रहे प्रसादी
डोल ग्यारस महोत्सव में भगवान के दर्शन के साथ प्रसादी का भी विशेष महत्व है। मंदिर में श्रद्धालुओं को मिलने वाली मठड़ी, सागर, लड्डू और अन्य प्रसादी विशेष रूप से तैयार की जाती है। इस वर्ष राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया जी से आए हलवाई झमकलाल सुखपाल प्रसादी तैयार कर रहे हैं।
झमकलाल सुखपाल पिछले करीब 10 वर्षों से डोल ग्यारस महोत्सव के अवसर पर प्रसादी बनाने के लिए बड़ी खट्टाली आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग पाँच क्विंटल प्रसादी तैयार की जा रही है, जिसमें लड्डू, रोट और मठड़ी शामिल हैं। पूर्व में आयोजन छोटे स्तर पर होने के कारण दो से तीन क्विंटल तक प्रसादी तैयार की जाती थी।
इसके अतिरिक्त कल शाम महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए लगभग एक क्विंटल फलाहारी खिचड़ी की प्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।
हाथी-घोड़े और बग्घी पर सवार होकर दर्शन देंगे भगवान
दोपहर 4 बजे उत्थापन आरती के बाद भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। “आलकी के पालकी… जय कन्हैया लाल की…” के जयघोष के बीच भगवान श्री चारभुजानाथ जी हाथी, घोड़े और बग्घी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
शोभायात्रा के अग्रभाग में बैंड की मधुर धुनें, अश्व नृत्य और विभिन्न आकर्षक झाँकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच चारों ओर उड़ती रंग-बिरंगी गुलाल महोत्सव के वातावरण को और भी मनमोहक बना देगी।
चल समारोह ग्राम के प्रमुख मार्गों से होता हुआ हथनी नदी तट पहुँचेगा। यहाँ भगवान का जलाभिषेक एवं महाआरती की जाएगी। इस दौरान आतिशबाजी, फटाकों की चमक और बैंड की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर पहुँचेगी, जहाँ महाआरती एवं महाप्रसादी का आयोजन होगा। रात्रि में भजन संध्या के साथ महोत्सव का समापन होगा।
सभी समाजजन निभा रहे सक्रिय भूमिका
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और महोत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर ग्राम के सभी समाजजन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। माहेश्वरी समाज, जैन समाज, राठौड़ समाज, ब्राह्मण समाज, सेन समाज, प्रजापत समाज एवं कर्मचारी वर्ग सहित विभिन्न समाजों के कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम
महोत्सव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। स्थानीय चौकी प्रभारी ने बताया कि प्रभारी जिला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। चौकी प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।
डोल ग्यारस महोत्सव को लेकर ग्रामवासियों एवं आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। भव्य चल समारोह, धार्मिक अनुष्ठान, प्रसादी वितरण और भजन संध्या के साथ बड़ी खट्टाली एक बार फिर भगवान श्री चारभुजानाथ जी की भक्ति में सराबोर होने को तैयार है।





