धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
धार जिले की बाग थाना पुलिस ने पाडलिया नैनगांव फाटे के पास हुई सनसनीखेज डकैती का खुलासा करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल चार अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए चांदी के कड़े, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
रात के अंधेरे में दिया था वारदात को अंजाम
घटना 22 मई 2026 की रात करीब 08:00 बजे की है। फरियादी महिला अपने पति के साथ ग्राम पीपरी से वापस अपने गांव चिलवा लौट रही थी। इसी दौरान पाडलिया नैनगांव फाटे के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह अज्ञात बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने चलती बाइक पर लात मारकर दंपत्ति को नीचे गिरा दिया, जिससे फरियादी को चोटें भी आईं। इसके बाद बदमाश महिला के हाथ से बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में दो चांदी के कड़े और ₹5,000 की नकदी रखी हुई थी।
फरियादी की शिकायत पर 25 मई 2026 को थाना बाग में अपराध क्रमांक 185/2026, धारा 310(2) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, दो दबोचे
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम झिरपनिया के पास घेराबंदी कर संदेही मगन को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की इस वारदात को अंजाम देना कुबूल किया। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से रिमांड प्राप्त कर आगे की कड़ियों को जोड़ते हुए दूसरे आरोपी दिनेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
मगन पिता छगन (उम्र 19 वर्ष), निवासी- ग्राम घोटियादेव।
दिनेश पिता केलु उर्फ केलसिंह अनारे (उम्र 20 वर्ष), निवासी- ग्राम झिरपनिया।
पुलिस की बरामदगी: आरोपियों के पास से लूटे गए दो चांदी के कड़े, नकदी राशि और घटना के समय इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
चार आरोपी अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक, इस डकैती में कुल छह बदमाश शामिल थे। पकड़े गए दो आरोपियों के अलावा 04 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि उन्हें भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
इस सराहनीय कार्य में शामिल रही पुलिस टीम
सफलतापूर्वक इस अंधे कत्ल/डकैती के मामले का पर्दाफाश करने में निम्नलिखित जांबाज पुलिस अधिकारियों और जवानों की विशेष भूमिका रही:
अधिकारी: निरीक्षक कैलाश चौहान, उपनिरीक्षक (उनि) तोसिफ अली, सउनि लोकेश रायपुरिया, सउनि दशरथसिंह चौहान, सउनि कमलेश राठौड़िया।
प्रधान आरक्षक: सखाराम गोखले, भावसिंह रावत, रेलमसिंह भिण्डे, गजेन्द्र कनेश, कैलाश गेहलोत।
आरक्षक: राजू चौहान, दुर्गेश, सीताराम डोडवे, कलमसिंह डुडवे, लालसिंह चौहान, मुकेश, सुरेश।
साइबर सेल धार: उनि प्रशांत गुंजाल एवं आरक्षक प्रशांत चौहान।





