देवास टोंक खुर्द
टोंकखुर्द। अक्षय तृतीया और आगामी विवाह मुहूर्तों के बीच प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में टोंकखुर्द परियोजना के अंतर्गत ग्राम डिंगरोदा में एक नाबालिग बालिका का विवाह होने की सूचना पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए बाल विवाह रुकवा दिया।
13 वर्ष की थी बालिका, चल रही थी हल्दी-मेहंदी की रस्में
टोंककला थाने को सूचना मिली थी कि ग्राम डिंगरोडा में 12 अप्रैल को एक बालिका का विवाह होना निश्चित हुआ है। सूचना पर गंभीरता दिखाते हुए 10 अप्रैल 2026 को वन स्टॉप सेंटर, महिला बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान परिजनों के पास बालिका की आयु से संबंधित कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिला। आधार कार्ड के अनुसार बालिका की उम्र मात्र 13 वर्ष 11 माह पाई गई। चौंकाने वाली बात यह थी कि घर में विवाह की रस्में शुरू हो चुकी थीं और बालिका को हल्दी-मेहंदी भी लगाई जा चुकी थी।
परिजनों ने दिया वचन, बालिका को लाया गया वन स्टॉप सेंटर
प्रशासनिक टीम ने मौके पर परिवार के सदस्यों और समाज के लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों और कम उम्र में विवाह से होने वाले शारीरिक व मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया।
”समाज के प्रबुद्धजनों और टीम की समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और विवाह रोकने का निर्णय लिया। परिजनों ने लिखित में वचन दिया है कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने से पहले उसका विवाह नहीं किया जाएगा।”
चूंकि मौके पर विवाह जैसी तैयारियां पूर्ण हो चुकी थीं, बालिका की सुरक्षा और काउंसलिंग को ध्यान में रखते हुए उसे तत्काल वन स्टॉप सेंटर लाया गया है।
जांच दल में ये रहे शामिल
इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई:
महिला एवं बाल विकास विभाग: परियोजना अधिकारी नीतू हनवाल, पर्यवेक्षक अनिता राठोड, राजकुमारी ठाकुर एवं विनय सर।
वन स्टॉप सेंटर: प्रशासक गीता ठाकुर
ICPS विभाग: एकता जायसवाल।
पुलिस विभाग: टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंदल।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें।





