खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन। जिले के काजलपुरा गांव में रहने वाली अनीता राठौर ने अपने जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत अक्टूबर 2024 से की, जब आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना के तहत मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक से उन्हें 6 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। योजना के अंतर्गत इन्हें राज्य शासन द्वारा 1.5 लाख रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई।
अनीता ने इस ऋण का उपयोग कर 5 मुर्राह भैंसें और 1 जाफराबादी भैंस खरीदीं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनीं हैं। ये भैंसें प्रतिदिन 50 से 55 लीटर दूध देती हैं, जिसे अनीता बंधी ग्राहकों और भारत डेयरी को 70 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचती हैं।

अनीता को हर महीने ऋण की 15,000 रुपये की किस्त भरनी होती है। भैंसों के खल और चारे पर लगभग 35,000 रुपये प्रति माह व्यय होता है। इस प्रकार अनीता का मासिक शुद्ध मुनाफा 55,000 रुपए है। दुर्भाग्यवश स्वयं साक्षरता से वंचित रही अनीता अपनी आय से अपने तीन बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा देना चाहती हैं, जिससे उनके सुरक्षित भविष्य का निर्माण हो सके।
अनीता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासकीय योजनाओं का लाभ उठाकर कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को पूरा कर सकता है।






