लाइव रामायण मंडल की प्रस्तुति और सेल्फी पॉइंट बने आकर्षण का केंद्र
बिलाल खत्री
आलीराजपुर शनिवार की रात आठ बजे बारिश ने शहर को भिगोया था तब आमला लाइन स्थित राठौड़ वीर दुर्गादास गरबा मंडल के पांडाल में भक्ति और उत्साह की बारिश हो रही थी। रात ठीक 11 बजे जैसे ही ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति संगीत की स्वर लहरियाँ फिज़ाओं में तैरने लगीं, तो श्रद्धालु भी मां दुर्गा के रंग में रंग गए।चारों ओर रौशनी की चकाचौंध, पारंपरिक परिधान में सजे-धजे गरबा प्रेमी, और माता के भजनों की गूंज यह नज़ारा किसी धार्मिक मेले से कम नहीं था।

गरबा बना सांस्कृतिक उत्सव
गरबों का सिलसिला धीरे-धीरे तेज़ होता गया, महिलाएं, पुरुष, बुज़ुर्ग और बच्चे हर कोई एक ही ताल पर झूमता दिखा। भक्ति और रंगों का यह संगम देखकर यही कहा जा सकता है कि गरबा अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक मेल-मिलाप का प्रतीक बन चुका है।
लाइव प्रस्तुति ने बांधा समा
इस आयोजन का सबसे खास आकर्षण रहा पंचेश्वर रामायण मंडल की लाइव प्रस्तुति, जिसने पांडाल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। जैसे ही मंडल ने माता के भजन गाने शुरू किए, पांडाल में श्रद्धालुओं के पैर थमने का नाम नहीं ले रहे थे। भजन सुनते-सुनते जब श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए, तो समझिए भक्ति पूरी तरह उतर चुकी है। गरबा मंडल के मीडिया प्रभारी कांतिलाल राठौड़ ने बताया कि इस वर्ष की भीड़ पिछले वर्षों से कहीं ज़्यादा रही और उत्साह तो पहले दिन से ही चरम पर है।
सेल्फी पॉइंट भी बने आकर्षण
वीर दुर्गादास गरबा मंडल के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने बताया कि इस वर्ष की खास बात यह रही कि युवा वर्ग को ध्यान में रखते हुए दो ‘सेल्फी प्वाइंट’ बनाए गए, जो खासे लोकप्रिय रहे। हर कोई आज के दौर में यादों को संजोना चाहता है। सेल्फी पॉइंट्स ने पांडाल की खूबसूरती को और बढ़ा दिया।
आरती का सौभाग्य शनिवार रात माता रानी की आरती का सौभाग्य एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक हर्ष चौहान और वीर दुर्गादास महिला मंडल को प्राप्त हुआ। आरती मे श्रद्धालुओ ने पूरी आस्था के साथ ‘जय माता दी’ के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।






