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नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में नर्मदा जल छोड़ने के अधिकारियों को दिए निर्देश, किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए मिले पानी।

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सरदारपुर संवाददाता : दिलीप पाटीदार 

सरदारपुर। नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के अंतर्गत शेष 52 गांवों तक जल्द से जल्द नर्मदा जल पहुंचाया जाए। साथ ही परियोजना के अंतर्गत आने वाली नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में भी शीघ्र पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। यह निर्देश सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
विधायक प्रताप ग्रेवाल की अध्यक्षता एवं अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अजमेरसिंह गौड़ की उपस्थिति में आयोजित बैठक में नर्मदा घाटी विकास संभाग मनावर के कार्यपालन यंत्री आलोक चौबे भी मौजूद रहे। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत अब तक 14 गांवों में पानी पहुंचाया जा चुका है। इनमें मिण्डा, चालनी, गोलपुरा, बोरखेड़ी, छिपापुरा, भोपावर, इमलीपुरा, पटलावदिया, कुमारपाट, हातोद, गोविन्दपुरा, मौरगांव, कपास्थल एवं सुनेड़ी शामिल हैं। वहीं शेष 52 गांवों तक अभी पानी पहुंचना बाकी है।
इस पर विधायक ग्रेवाल ने निर्देश दिए कि शेष गांवों में भी जल्द से जल्द नर्मदा जल पहुंचाने की कार्यवाही की जाए। साथ ही परियोजना के अंतर्गत आने वाली नदियों, तालाबों एवं पोखरों में पानी छोड़ा जाए। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पीएफसीएमडी बॉक्स भी शीघ्र स्थापित किए जाएं।
विधायक ग्रेवाल ने कहा कि नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना वर्ष 2023 तक पूर्ण की जानी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद परियोजना आज तक पूरी नहीं हो पाई है। परियोजना में हो रही देरी के कारण क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा जल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
बैठक में किसानों की मांग पर कालीकराय उपबांध तक नर्मदा जल पहुंचाने के संबंध में भी चर्चा की गई। विधायक ने अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर कालीकराय तक पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए।
विधायक ग्रेवाल ने स्पष्ट कहा कि परियोजना केवल पाइपलाइन बिछाने और परीक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि किसानों के खेतों एवं क्षेत्र के जल स्रोतों तक वास्तविक रूप से पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
उक्त जानकारी विधायक कार्यालय से विष्णु चौधरी द्वारा दी गई।

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