जिला संवाददाता : दिलीप पाटीदार सरदारपुर
प्रतिदिन स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का रहता है आवागमन, जगह-जगह गड्ढों से हादसे की आशंका।
सरदारपुर। सरदारपुर माही पुलिया से इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन तक जाने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को हर कदम पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत की ओर जिम्मेदार विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है।
यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन का रास्ता नहीं है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके अलावा ग्रामीणजन अपने आवश्यक कार्यों के लिए इसी रास्ते से तहसील मुख्यालय सरदारपुर पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों, ग्रामीणों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अपने वाहनों की गति कम कर गड्ढों से बचकर निकलना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़क की सतह खराब होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी होती है। अचानक सामने आने वाले गड्ढों के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।
सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों को लेकर है। सुबह और दोपहर के समय जब विद्यार्थियों का आवागमन अधिक रहता है, उस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी बनी रहती है। सड़क की खराब स्थिति के चलते बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है। इस मार्ग से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग प्रतिदिन तहसील मुख्यालय सहित अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों के लिए यह मार्ग रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। खेती-किसानी से संबंधित कार्यों, सरकारी कार्यालयों, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानी और समय का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़क के कारण वाहनों में भी नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है, लेकिन अब तक इसकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नजर नहीं आया है। लोगों का कहना है कि समय-समय पर सड़क की समस्या जिम्मेदारों के सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
विडंबना यह है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की ओर न तो जनप्रतिनिधियों का पर्याप्त ध्यान गया और न ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसकी गंभीरता से सुध ली गई। ऐसे में ग्रामीणों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस सड़क की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान क्यों नहीं जा रहा है?





