संवाददाता : दिलीप पाटीदार दसई ( धार )
दसाई। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को नगर के अति प्राचीन एवं सुप्रसिद्ध राम रामेश्वर मंदिर से भगवान शिव का भव्य शिव डोला निकाला गया। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भगवान शिव के आकर्षक स्वरूप और भव्य साज-सज्जा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
श्रावण सोमवार के पावन अवसर पर सुबह से ही राम रामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। मंदिर में भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन-अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान शिव को भव्य डोले में विराजित कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
शिव डोले के नगर भ्रमण के दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। डोले के मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान शिव का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। अनेक स्थानों पर पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया गया। डोले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति में लीन होकर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तैयार किए गए भगवान शिव के स्वरूप और डोले की भव्य सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र रही। डोले के साथ चल रही धार्मिक झांकियों और भक्ति संगीत ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकले शिव डोले को देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी अपने घरों एवं मार्गों पर मौजूद रहे।
महिलाओं, बच्चों और युवाओं में भी दिखा उत्साह
शिव डोले को लेकर महिलाओं, बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की। डोले के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जल एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ दसाई में निकाला गया यह भव्य शिव डोला नगर की धार्मिक परंपरा और आस्था का प्रतीक बना। आयोजन के दौरान पूरा दसाई नगर शिवमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान शिव के दर्शन किए और डोले में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित किया। नगर भ्रमण बाद डोला पुनः राम रामेश्वर मंदिर पहुंचा जहां भगवान शिव कि महाआरती के बाद महाप्रसादी बांटी गई।





