खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
750 कैडेट्स को मिला अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का संदेश,
जे.आई.टी. बोरावाँ में दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ
खरगोन । 36 एमपी बटालियन एनसीसी, खंडवा के तत्वावधान में जे.आई.टी. बोरावाँ में कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप (CATC)-76 का भव्य शुभारंभ किया गया। 15 से 24 जून तक आयोजित इस दस दिवसीय शिविर में खंडवा, खरगोन, बड़वानी, हरदा, बुरहानपुर एवं इंदौर सहित विभिन्न जिलों से लगभग 750 एनसीसी कैडेट्स सहभागिता कर रहे हैं। शिविर का संचालन कमान अधिकारी कर्नल के. राजेश के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राजेंद्र पांचाल, सूबेदार मेजर राजेंद्र खत्री तथा कैंप एडजुटेंट डॉ. एस.एस. रावत द्वारा किया जा रहा है।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर कमान अधिकारी कर्नल के. राजेश ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि National Cadet Corps विश्व का सबसे बड़ा युवा संगठन है। आज के कैडेट्स ही भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स समाज के ‘चेंज मेकर्स’ हैं, जो स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, साक्षरता अभियान, नशामुक्ति तथा आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।
कर्नल राजेश ने बताया कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, साहसिक गतिविधियों और सामाजिक सेवा के अवसर भी प्रदान करता है। शिविर के माध्यम से कैडेट्स में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होगी। उन्होंने कहा कि शिविर में पहली बार घर से दूर रह रहे कैडेट्स को अपने कार्य स्वयं करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके जीवन कौशल में वृद्धि होगी।
शिविर में महिला सशक्तिकरण की सशक्त उपस्थिति भी देखने को मिल रही है, जहां बड़ी संख्या में गर्ल कैडेट्स उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। कर्नल राजेश ने गर्ल कैडेट्स की सराहना करते हुए कहा कि एनसीसी उन्हें शारीरिक, मानसिक और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाता है, जिससे वे सेना, पुलिस, प्रशासन, कॉर्पोरेट एवं राजनीति जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम बनती हैं।
उन्होंने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर आत्मविकास ही सफलता की कुंजी है। प्रत्येक कैडेट को शिविर की सभी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने एनसीसी के आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
इस दस दिवसीय शिविर के दौरान ड्रिल, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट एवं बैटल क्राफ्ट, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन तथा सामाजिक जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।





