कसरावद / जननायक टंट्या भील चौराहा, भील मोहल्ला कसरावद में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासी क्रांतिकारी वीर योद्धा तेजा जी भील जयंती तथा जयस के 13 वर्ष पूर्ण होने पर जयस स्थापना दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम आदिवासी जननायक टंट्या भील जी व वीर योद्धा तेजा जी भील की तस्वीर पर माल्यार्पण कर प्राकृतिक पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सभी युवाओं ने बारी-बारी से अपने विचार व्यक्त किए। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार मोहरे ने कहा जयस यानी जय आदिवासी युवा शक्ति आदिवासी समाज की शुद्ध सामाजिक विचारधारा है जिसकी स्थापना 16 मई 2013 को कृषि उपज मंडी प्रांगण बड़वानी में हुई थी।यह आदिवासी समाज के युवाओं का वह संगठन है जो संवैधानिक अधिकारों,जल जंगल जमीन, संस्कृति , पर्यावरण संरक्षण,रीती-रिवाजो की रक्षा तथा जुल्म अत्याचार शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है।यह किसी भी धर्म संप्रदाय संस्कृति का विरोधी नहीं हैं।
जयस के उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए जयस मिडिया प्रभारी सोमल चौहान ने बताया जयस का प्रथम उद्देश्य भारत के सभी समुदायों (भील भिलाला बारेला गोंड कोरकू प्रधान सहरिया भारिया तथा अन्य) को इकठ्ठा करके एक मंच पर लाना, पर्यावरण तथा ग्लोबल वार्मिंग के प्रति जागरूकता फैलाना, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में आदिवासियों की भूमिका तय करना, जैविक खेती को बढ़ावा देना, पांचवीं छठी अनुसूची तथा पेसा कानून के प्रति जागरूकता फैलाना, समाज के युवाओं में विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूकता लाना, जनप्रतिनिधियों तथा युवाओं का समाज के प्रति दायित्व तय करना, संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना इत्यादि है। सर्व आदिवासी ब्लांक अध्यक्ष रंजीत सिंह मण्डलोई ने कहा कुछ स्वार्थी लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए इस सामाजिक विचारधारा का दुरुपयोग किया है लेकिन आगे हम ऐसा नहीं होने देंगे। इस विचारधारा से जुड़कर लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं जो समाज हित में गलत है। कार्यक्रम के अंत में फल प्रसादी वितरण की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित उमेश ठाकुर, राहुल गिरवाल,धर्मेन्द्र भाभर,लक्ष्मण मण्डलोई,शंकर निगवाल,गोलू गिरवाल,विकास भुरिया,कृष्ण मंडण्लोई,गोपाल गावरे,राज गांगले आदि समाज जन उपस्थित थे।





