धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चे ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन
कुक्षी – प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा लेना मुंह का निवाला छीनने जैसा है । अपनी सेवाकाल से सेवानिवृत्ति की कगार पर खड़े शिक्षकों की परीक्षा लेने का आदेश राष्ट्र निर्माता शिक्षकों को गंवारा नहीं लग रहा है ।
अपने सेवाकाल में पढ़ा – लिखाकर अपने शिष्यों को डॉक्टर , इंजीनियर , जज , प्रशासनिक सेवा शिक्षक , प्रोफेसर व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अपनी शिक्षा के योगदान से ऊंचाई प्रदान करने वाले गुरूओं की परीक्षा लेकर आखिर क्या सिद्ध करना चाहते हैं यह समझ से परे है। उक्त विचार अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चे कुक्षी तहसील की ओर से मुकेश पाटीदार ने व्यक्त किए ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम एसडीएम विशाल धाकड़ आईएएस को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है ।
ज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा का विरोध करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई है । ज्ञापन में नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के आदेश जारी करने की मांग भी पुरजोर तरीके से की गई है । ज्ञापन का वाचन रजनी अलंसे ने किया तथा आभार शिवराम पाटीदार ने माना ।
इस अवसर पर जितेन्द्र दुबे , कल्पना शाह , नीता राठौड़ , राजेश गुप्ता , राजेन्द्र पाटीदार , मंशाराम बघेल ,खड़कसिंह जमरा, राजबाला किराड़े , आनन्द पाण्डेय , हीरासिंह मंडलोई , सीमा गुप्ता , केशर देवड़ा , हीरासिंह मुझाल्दा , सचिन मालवीया , हीरा सिसौदिया , महेन्द्र चौहान , तुलसी बघेल , चंदा डोडवा , भूपेन्द्र वर्मा , मनोज साधु सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष वर्ग के अध्यापक व शिक्षक मौजूद रहे ।





