खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन । कलेक्टर भव्या मित्तल द्वारा विकासखंड भगवानपुरा के ग्राम भातुड़ स्थित सावी एग्रो फार्म का अवलोकन एवं निरीक्षण किया गया। यह फार्म कृषक अविनाश सिंह दांगी द्वारा 55 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है, जहां वर्ष 2009 से प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान कृषक अविनाश सिंह दांगी ने कलेक्टर भव्या मित्तल को अपने खेत में लगी विभिन्न सब्जी फसलों,ब्रोकली, लाल मूली, पत्तागोभी, फूलगोभी, भरते का बैंगन, प्याज, लौकी, धनिया, मिर्च, चुकंदर, टमाटर, मेथी, पालक आदि का अवलोकन कराया। साथ ही 10 एकड़ क्षेत्र में लगी देशी अरहर की फसल की जानकारी दी। पपीता फसल के साथ अंतरवर्तीय खेती के रूप में प्याज, बालौर, चवला एवं मेथी की फसलों का भी प्रदर्शन किया गया।
कृषक के फार्म में चार वर्ष पूर्व 2.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित मल्टी लेयर फ्रूट फॉरेस्ट मॉडल का भी अवलोकन कराया गया, जिसमें 32 प्रकार के फलदार पौधे एवं 12 प्रकार की सब्जियां लगी हुई हैं। विशेष रूप से सेव (एप्पल) के पौधों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। रबी फसलों में देशी बीजों से उत्पादित बंशी गेहूं, सोना मोती गेहूं, खपली गेहूं के साथ काबुली चना, देशी चना एवं हरे चने की फसलों का भी अवलोकन किया गया।

इस अवसर पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती विशेषज्ञ पीएस बार्चे (सेवानिवृत्त कृषि विस्तार अधिकारी) द्वारा प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जैविक कीटनाशकों, अग्नि अस्त्र एवं ब्रह्मास्त्र की तैयारी विधि की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ये जैविक घोल गौमूत्र, नीम, अकाव, धतूरा, सीताफल, बेलपत्र, करंज, अरंडी, पपीता तथा हरी मिर्च,लहसुन की चटनी से तैयार किए जाते हैं।
फार्म हाउस में 45 से 50 गोवंश, कुक्कुट पालन सहित एकीकृत कृषि गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया।
कलेक्टर ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अविनाश सिंह दांगी द्वारा विकसित इस सफल प्राकृतिक एवं जैविक खेती मॉडल को अन्य कृषकों को भी दिखाया जाए, ताकि वे प्रेरित होकर इस प्रकार की खेती अपनाएं।
इस दौरान उप संचालक कृषि शिवसिंह राजपूत, उप संचालक उद्यानिकी केके गिरवाल, परियोजना संचालक आत्मा एमएस कनाश, सहायक संचालक कृषि प्रकाश ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं कृषकगण उपस्थित रहे।






