झाबुआ। कौशल विकास एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में झाबुआ जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल की है। कलेक्टर नेहा मीना के विशेष निर्देशों पर शाला-त्यागी बालिकाओं को रोजगार से जोड़ने और आईटीआई में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया है।
‘बेटी बचाओ’ योजना के तहत मिला प्रशिक्षण कौशल विकास संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक श्री गिरीश शर्मा के प्रयासों से आईटीआई में ‘स्वीइंग टेक्नोलॉजी’ में एससीवीटी की एक बैच संचालित करने की स्वीकृति मिली थी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चयनित 20 बालिकाओं को आईटीआई झाबुआ में प्रवेश दिलाया गया। इन बालिकाओं के एक वर्षीय प्रशिक्षण का पूरा खर्च महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत वहन किया।
एमओयू के तहत मिला ऑन-द-जॉब अनुभव प्रशिक्षणार्थियों को सीधा उद्योग से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए कौशल विकास इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक श्री सतीश कुमार मोरे एवं झोनल टीपीओ श्रीमती मीना लोहिया के विशेष सहयोग से प्रतिभा सिन्टेक्स लिमिटेड, पिथमपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के अंतर्गत संस्था में प्रशिक्षणरत कुल 30 महिला प्रशिक्षणार्थियों को कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई बस से ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) के लिए रवाना किया गया। संस्था के प्राचार्य ने हरी झंडी दिखाकर इन प्रशिक्षणार्थियों को विदा किया।
ट्रेनिंग अवधि में मिलेंगे ₹9,000 यह पहल इसलिए खास है क्योंकि ट्रेनिंग अवधि के दौरान कंपनी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को 9,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें रियायती दर पर भोजन एवं आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कलेक्टर नेहा मीना के मार्गदर्शन में कौशल विकास संचालनालय और जिला प्रशासन झाबुआ का यह कदम महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और ग्रामीण बालिकाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर प्रतिभा सिन्टेक्स लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री हौशीलाल कुशवाह, संस्था के प्रशिक्षण अधिकारी एवं अतिथि प्रवक्ता उपस्थित रहे।






