हेडिंग: कच्चे मकानों को पक्का बताने पर भड़के हितग्राही, निष्पक्ष जाँच की उठी मांग
कसरावद : सलीम खान
कसरावद/खरगोन: नगर में चल रहे आवासीय पट्टा सर्वे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय रहवासियों ने सर्वे टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। नागरिकों का कहना है कि सर्वे में मनमानी के चलते वास्तविक और जरूरतमंद हितग्राहियों के अपात्र होने का खतरा पैदा हो गया है।

क्या है पूरा मामला? हितग्राहियों ने बताया कि नगर में कई परिवार ऐसे हैं जिनके मकान कच्चे हैं। बारिश और मौसम की मार से बचने के लिए उन्होंने दीवारों पर हल्का प्लास्टर या चूना लगा रखा है। आरोप है कि सर्वे टीम इसे आधार मानकर इन मकानों को ‘पक्का मकान’ की श्रेणी में डाल रही है, जिससे गरीब परिवार पट्टा योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
एसडीएम ने दिया आश्वासन नाराज़ नागरिकों ने एसडीएम सत्येंद्र बेरवा को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियों से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बेरवा ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सर्वे टीम को पुनः निर्देशित किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र हितग्राही के साथ अन्याय नहीं होगा और कच्चे मकानों की दोबारा निष्पक्ष जाँच की जाएगी।






