धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
जिला कार्यालय में हुई बैठक में दिए निर्देश
धार 29 सितम्बर 25/कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने निर्देश दिए कि सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में प्रारंभ की जा रही भावांतर योजना को लागू करने में प्रशासनिक अमला पूरी तरह सजग रहे। उन्होंने कहा कि योजना की विशेषताओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें। ये निर्देश उन्होंने जिला कार्यालय के सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में दिए।
न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों की सुरक्षा
सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारीगण सुनिश्चित करें कि किसानों को समर्थन मूल्य बराबर की राशि मिले।
10 अक्टूबर से शुरू होगा पंजीयन
भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। भावांतर की अवधि 1 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषकों और उनके रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को भावांतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
भावांतर योजना-एक नजर में
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसलों के लिए वर्ष 2018-19 से भावांतर योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और राज्य की मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच का अंतर किसानों को दिया जाता है।
किसान अपनी उपज मंडियों में बेचते रहेंगे और एमएसपी तथा बिक्री मूल्य के अंतर की राशि राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से प्रदान करेगी।
उदाहरण के तौर पर यदि किसान का उत्पादन 4600 रुपये प्रति क्विंटल पर बिकता है तो राज्य सरकार शेष 628 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर राशि प्रदान करेगी, जिससे किसान को कुल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्राप्त होगा।
किसी भी स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित करने के लिए योजना में प्रावधान किया गया है कि चाहे बिक्री मूल्य एमएसपी से कम हो या औसत मॉडल प्राइस से नीचे जाए, हर स्थिति में किसान को भावांतर राशि का लाभ दिया जाएगा।






