बिलाल खत्री
दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित‘साड़ीज़ ऑफ़ इंडिया’ प्रदर्शनी इन दिनों राजधानी में कला और परंपरा का अनोखा संगम बनी हुई है। 25 से 27 सितम्बर 2025 तक चलने वाली इस भव्य प्रदर्शनी में देशभर के चुनिंदा और श्रेष्ठ शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है, जहाँ भारत की विविधता और समृद्ध हस्तकला परंपरा को एक ही छत के नीचे देखने का अवसर मिल रहा है। मध्यप्रदेश के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त यूनेस्को अवॉर्डी बाग प्रिंट शिल्पकार श्री मोहम्मद आरिफ खत्री इस आयोजन के विशेष आकर्षण बने हुए है।
प्रदर्शनी के दूसरे दिन बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने आयोजन का दौरा किया। जैसे ही वे बाग प्रिंट की नाज़ुक कलाकारी और प्राकृतिक रंगों से बनी साड़ियों तक पहुँचीं, उनकी आँखें चमक उठीं। कंगना ने न सिर्फ खत्री की कलाकृतियों की जमकर तारीफ़ की, बल्कि उनसे विस्तार से बाग प्रिंट की तकनीक और प्राकृतिक रंगों के महत्व पर बातचीत भी की। इस अवसर पर मोहम्मद आरिफ खत्री एवं उनके भाई हामिद जिलानी ने कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश के बाग गाँव आने का निमंत्रण दिया, जो बाग प्रिंट कला का उद्गम स्थल और इस परंपरा की धड़कन माना जाता है। उन्होंने कहा ,यदि आप बाग आएँगी तो आप देख पाएँगी कि किस तरह हमारी पीढ़ियाँ इस धरोहर को संभालती आई हैं और आज भी यह गाँव कला की जीवंत पाठशाला है।कंगना रनौत ने भी इस निमंत्रण को प्रसन्नता के साथ स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि अवसर मिलने पर वे बाग ज़रूर जाएँगी, ताकि इस अनमोल धरोहर को नज़दीक से समझ सकें।
केवल कंगना रनौत ही नहीं, बल्कि प्रदर्शनी में उपस्थित जानी-मानी क्राफ्ट रिवाइवलिस्ट मंजीरी नेरोला, कामियानी जलन और दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल की अध्यक्षा पूर्णिमा राय ने भी आरिफ खत्री द्वारा बनाई गई बाग प्रिंट साड़ियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आरिफ खत्री की कृतियाँ परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हैं, जिनमें प्राकृतिक रंगों की चमक और हस्तकला की शान झलकती है।
गौरतलब है कि मोहम्मद आरिफ खत्री को उनके नवाचार और बाग प्रिंट को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। मोहम्मद आरिफ खत्री की कला को देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी सराहा है। वे पूर्व में भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से विशेष भेंट कर चुके हैं। इस दौरान उन्हें अपनी बाग प्रिंट कृतियों को प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिसे नेताओं ने न सिर्फ़ सराहा बल्कि इसे भारत की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक बताया।
कला-प्रेमियों और दर्शकों के लिए यह प्रदर्शनी केवल साड़ियों का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के विविध रंगों का उत्सव है। कंगना रनौत और शिल्प जगत की अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों द्वारा की गई सराहना से यह स्पष्ट है कि बाग प्रिंट कला आज भी लोगों के दिलों को छूने और विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने की ताक़त रखती है।






