खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन । कलेक्टर भव्या मित्तल की अध्यक्षता में 24 सितंबर को कलेक्टर सभागृह में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन अंतर्गत बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत पूर्ण, अपूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों की विकासखंडवार एवं ग्रामवार समीक्षा की गई।

बैठक में कलेक्टर भव्या मित्तल ने निर्देशित किया कि ठेकेदारों के भुगतान से संबंधित जो समस्या चल रही है, उसके लिए प्रदेश शासन द्वारा अलग से मद उपलब्ध कराया है। इस मद से अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक सभी लंबित भुगतान कर दिए जाए। बैठक में कहा गया कि प्रत्येक उपयंत्री यह सुनिश्चित करें कि यदि पानी की टंकी बन चुकी है, तो उससे ग्रामीणों को जल आपूर्ति भी हो, तभी कार्य को पूर्ण माना जाएगा। बैठक में बताया गया कि बड़वाह विकासखंड के 29 ग्रामों में योजनाएं प्रगतिरत हैं। कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की और जनपद सीईओ एवं ठेकेदारों को निर्देशित किया कि समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण कराएं। साथ ही स्वीपेज एवं जल रिसाव की समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जनपद सीईओ भगवानपुरा द्वारा योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर कारण बताओ सूचना जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जो योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं उनका हस्तांतरण एवं सर्टिफिकेशन शीघ्र कराए। इस दौरान निर्मल नीर से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। वन विभाग से लंबित स्वीकृतियां समय पर लेकर कार्य प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेशन कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, इन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराया जाए। बैठक में जल निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इन कार्यों में देजला देवड़ा, इंदिरा सागर-2, निमरानी-2 तथा अपरवेदा परियोजनाएं सम्मिलित है।
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत नल-जल आपूर्ति संचालन में स्वसहायता समूहों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन समूहों का चयन हो चुका है, उनका अनुबंध ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के साथ शीघ्र कराया जाए। इस दौरान उन्होंने नल-जल शुल्क वसूली की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि सचिव, ग्राम रोजगार सहायक एवं स्वसहायता समूहों की संयुक्त बैठक लेकर सभी के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, सभी जनपद पंचायत सीईओ, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल निगम के अधिकारी एवं ठेकेदार उपस्थित रहे।






