संभाग ब्यूरो बिलाल खत्री
अलीराजपुर। बड़ी खट्टाली स्थित सकल पंच क्षत्रिय राठौड़ समाज भवन में राष्ट्रीय वीर दुर्गादास जी राठौड़ की 387वीं जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। सुबह 10 बजे स्वल्पाहार के बाद शोभायात्रा समाज भवन से ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ निकाली गई। समाज की महिलाएं, पुरुष व बच्चे एक समान ड्रेस कोड में शामिल हुए। बालिकाओं ने साफा बांधकर नृत्य प्रस्तुत किया। जगह-जगह समाजजनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और पूरे ग्राम में देशभक्ति गीत गूंजते रहे।
समाज भवन में आयोजित मुख्य समारोह में अपने संबोधन में मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय संत शिरोमणि वीर दुर्गादास जी राठौड़ का आजादी में योगदान नई पीढ़ी को जानना आवश्यक है। इसके लिए निबंध प्रतियोगिता और ऐसे आयोजन समय-समय पर होना चाहिए।
इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं एवं वरिष्ठ जनों का सम्मान अतिथियों द्वारा साल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान, पूर्व विधायक माधौसिंह डावर, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, सरपंच चैनसिंह डावर, राठौड़ समाज अध्यक्ष रमेश राठौड़ व उपाध्यक्ष कैलाश राठौड़ सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
दुर्गादास राठौड़ जयंती मारवाड़ का वीर, प्रेरणा स्रोत के रूप में दुर्गादास राठौड़
राजस्थान की धरती वीरता और स्वामिभक्ति के लिए प्रसिद्ध रही है। इन्हीं महान योद्धाओं में एक नाम है दुर्गादास राठौड़, जिनका जन्म 13 अगस्त 1638 को मारवाड़ के सालवा गांव में हुआ। उनके पिता आसकरण सिंह महाराजा जसवंत सिंह के मंत्री थे। बचपन से ही दुर्गादास में पराक्रम और निष्ठा की झलक दिखाई देने लगी थी, जिसने उन्हें आगे चलकर मारवाड़ का रक्षक और इतिहास का अमर सेनानायक बना दिया।






