शेख़ नसीम ब्यूरो चीफ…
भोपाल / हिन्दी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हिन्दी भवन में प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट संगठन के तहत वर्तमान संदर्भ में हिन्दी पत्रकारिता की उपयोगिता विषय पर पत्रकार संगोष्ठी एवं गरिमामय भव्य पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमे देशभर के क्रांतिकारी पत्रकार सम्मिलित हुए इस अवसर पर पत्रकारों ने पत्रकारिता से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहन भरत सागर और भोपाल के पूर्व पुलिस कमिश्नर और अभी वर्तमान में स्टेट क्राईम रिकार्ड ब्यूरो पुलिस मुख्यालय में पदस्थ हरिनारायण चारी मिश्रा रहे। इन दोनों मुख्य अतिथियों ने अपने-अपने विचार रखते हुए पत्रकारों को शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खालिद कैस ने की इस अवसर पर इरफान भाई, मुख्तार भाई, अबरार अहमद खान, हफ़ीज़ शाह, सै. रिजवान अली, शमा तनवीर, तनवीर कुरैशी, महफूज़ खान, तोशिबा खान, दुष्यंत कुमार, मीरा तिवारी, रेखा सोलंकी, इरशाद खान, अफसर खान, आसिफ खान, साजिद खान और शेख़ नसीम सहित पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. खालिद कैस ने पत्रकारों पर हो रहे लगातार हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा आज पत्रकारों पर देशभर लगातार हमले किए जा रहे है कभी उनको मारा जाता है कभी झूठे मुकदमे लगाकर पत्रकारों को फंसाया जाता है कभी बलपूर्वक कानून का डर दिखकर उनकी आवाज़ को दबाया जा रहा है राजनेता, बिल्डर, और दबंग किस्म के लोगो के भ्रटाचार को उजागर करने पत्रकार अपनी जान की बाज़ी लगा देता है और ये लोग अपने रसूख के बल पर कानून से बचने के लिए उल्टा पत्रकारों पे झूठे आरोप लगाकर उन्हें झूठे मुकदमो में फंसा देते है पत्रकारों पर हमला कर उन्हें मार दिया जाता है और किसी भी अपराधी को सज़ा नही मिल पाती जिसकी मिसाल वरिष्ट पत्रकार गौरी लंकेश रही आज तक उन्हें मारने वालों को सज़ा नही मिल पाई है इसके अलावा और भी कई मामले सामने आ चुके है पत्रकारों पर हमला करने वाले लोग साफ बच निकलते है इसीलिए हमारी सरकार से कई वर्षों से माँग रही है की जल्द से जल्द पत्रकार एक्ट लागू किया जाए।




