बिलाल खत्री
बड़वानी प्राचीन काल से हमारा देश महिलाओं को देवियों के स्वरूप में पूजता आया है उनकी सुरक्षा, उनका सम्मान और उनकी अस्मिता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य एवं गौरव रहा है, बेटियों की मुस्कान हमारे देश की प्रगति की परिचायक है उक्त वक्तव्य काउंसलर एवं समाज सेविका अनीता चोयल के द्वारा प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी में महिला सशक्तिकरण अभियान के दौरान ऑपरेशन मुस्कान विषय पर आयोजित कार्यशाला में कहा।
चोयल के द्वारा बताया गया कि लापता, गुमशुदा बच्चों को खोज निकालना, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले,सड़क पर रहने वाले,खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वाले बच्चो का संरक्षण कर उन्हें परिवार या बाल संरक्षण संस्थाओं से जोड़ना हैं। यह अभियान आमतौर पर हर वर्ष जुलाई में एक माह चलाया जाता हैं इसमें पुलिस,महिला बाल विकास विभाग,श्रम विभाग,रेलवे पुलिस,एनजीओ, बाल कल्याण समिति आदि मिल कर कार्य करते हैं।
उक्त कार्यशाला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के निर्देशन एवं महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ अर्चना सिसोदिया के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ अर्चना सिसोदिया ने मुस्कान अभियान के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को दृष्टिगत करते हुए बताया कि उक्त कार्यक्रम भारत सरकार एवं राज्य पुलिस दोनों के समन्वय से विशेष तौर पर नाबालिक बच्चियों के संरक्षण हेतु 2015 से संपूर्ण भारत के राज्यों में चलाया जा रहा है।
उक्त अभियान का उद्देश्य नाबालिक बच्चों के अपहरण, लापता बच्चों की खोज व पुनर्वास के लिए चलाई जाने वाली भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी अभियान है।






