बिलाल खत्री
बड़वानी कृषि विज्ञान केन्द्र बड़वानी एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय चयनित कृषि सखी हेतु प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्र्रम का समापन आज किया गया । इस प्रशिक्षण का शुभारंभ दिनांक 25 सितम्बर 2025 को केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस. के. बड़ोदिया एवं जिले के कृषि उपसंचालक कैलाश वास्केल के द्वारा किया गया था । दिनांक 25 सितम्बर से 29 सितम्बर के दौरान प्रतिदिन कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न विधायें जैसे कृषि की आधारभुत जानकारी, मृदा परीक्षण, बीजोपचार, कीट-व्याधि रोकथाम, बीजामृत, जीवामृत के साथ-साथ मल्चिंग, जल एवं मृदा प्रबंधन आदि महत्वपूर्ण विषयों पर प्रायोगिक जानकारी दी गयी ।
इस प्रशिक्षण के दौरान दिनांक 26 सितम्बर 2025 को कृषि सखीयों को जिले के प्रगतिशील कृषक सुरेश भाई मुकाती जी ग्राम बोरलॉय एवं घमंडी लाल मुलेवा ग्राम बड़गॉव के जैविक प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया । जिसमें उन्हें प्राकृतिक खेती की विभिन्नि विधियों को सीखा । इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन समारोह में केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ एसं. के. बड़ोदिया ने सभी कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभ के महत्व को बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में सब्जियों, फलों, खाद्यान्न फसलों व दलहनी फसलों पर अंधाधुंध मात्रा में रासायनिक खाद, खरपतवारनाशक व कीटनाशकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मानव व मृदा स्वास्थय पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
मनुष्यों में गंभीर बीमारी व मृदा, जल व वायु भी प्रदुषित हो रही है। इसलिये प्राकृतिक खेती अपनाकर उक्त सभी समस्याओं से बहुत हद तक सुधार लाया जा सकता है। डॉ. बड़ोदिया ने सभी कृषि सखीयों को प्राकृतिक खेती को अपनाने व इसके अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार की बात कही । प्रशिक्षण में उपस्थित कृषि सखी योगिता पाटीदार ने इस प्रशिक्षण को बहुत लाभदायक बताया व आगामी समय में अपनाने की बात कही । कार्यक्रम के समापन सत्र में केन्द्र वैज्ञानिक डॉ. डी. के. जैन, तकनीकी अधिकरी उदयसिहं अवास्या, मौसम अध्येता रविन्द्र सिकरवार, लेखॉपाल रंजीत बॉरा एवं आत्मा विभाग बड़वानी से अरंविद अवास्या उपस्थित होकर इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखण्ड पाटी, बड़वानी एवं राजपुर की 40 कृषि सखियों ने भाग लिया । कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्भियो का प्रतिक्रिया एवं अनुभव लिया गया । इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन में कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा ।






