धार, ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
धार मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर द्वारा बुधवार को विकासखण्ड तिरला के आदर्श ग्राम सलकनपुर में आयोजित एक पेड मॉ के नाम विषय पर आयोजित कार्यक्रम में नागेश्वर मंदिर के दर्शन एवं गाय पूजन करके शमशान घाट पर त्रिवेणी का रोपण किया गया। साथ ही बालाजी परिसर, शमशान घाट एवं नागेश्वर मंदिर के लिए नवांकुर समिति परम वैभव सामाजिक कल्याण समिति के द्वारा बावडी की सुंदरता हेतु स्वच्छता कार्य, स्थान पर कुर्सीयॉ, विभिन्न सामाजिक व्यक्तियों द्वारा जालियों में रोपित पौधे एवं नवीन बनाये गये दर्शनीय स्थान का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि हमारे ग्राम का शरीर शहर जैसा हो, किन्तु उसमें आत्मा ग्राम की होना आवश्यक है ऐसे आदर्श ग्राम का विकास आज की युवा को करना है। उसके पश्चात बालाजी धाम में हनुमानजी की पूजा करने के उपरांत बावडी, एवं स्थान का अवलोकन किया गया। जिसमें पोस्टर के माध्यम से पूर्व के स्थान एवं वर्तमान स्थान को दिखाया गया। परिसर में किए गए कार्यों का अवलोकन, बावड़ी पुनर्जीवन एवं वृक्षारोपण का अवलोकन कर मार्गदर्शन दिया गया।
श्री नागर ने वहॉ उपस्थित ग्रामीणो, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्राम के युवाओं को अपने उदबोधन में आदर्श ग्राम पूर्ण करने के लिए कहा गया। आदर्श ग्राम में समरसता हो, नशा मुक्त ग्राम, लघु उद्योग, फसलो के आधार पर ग्राम में व्यापार बढाने, हमारे ग्राम में पंचायत, विद्यालय, अस्पताल सुंदर हो, गलियॉ में गंदगी ना हो, गटर आदी का अच्छा निकास हो, वहॉ के युवाओं केा अपने ग्राम को समृद्ध बनाने के प्रयास करने की चाह होना आवश्यक है। ग्राम के विकास में सभी ग्रामवासियों का सहयोग लेना आवश्यक है। मदन मालवीय का उदाहरण देते हुए कहा गया कि ग्राम में ग्रामसभा, प्रवचन, पाठशाला, व्यायामशाला, त्योहारों को महोत्सव के रूप में मनाया जावे। उन्होंने कहा गया कि समिति द्वारा जो हरियाली, बावडी एवं सार्वजनिक स्थानो को बनाया गया है यह कार्य प्रशंसनीय है। आगे आप कार्य अच्छा करते रहे।
कार्यक्रम में श्री विनोद मोहने सलाहकार, श्री अमित शाह संभाग समन्वयक इन्दौर, सरंपच श्रीमती लक्ष्मी मोहने एवं श्री मोहन जाट समाजसेवी सलकनपुर सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
बेरोजगार युवकों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु दो नई स्वरोजगार योजनाएँ प्रारम्भ
धार, 9 जुलाई 2025/ सहायक आयुक्त, शाखा प्रबंधक म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम ने बताया कि म.प्र. शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवकों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु दो नई स्वरोजगार योजनाएँ प्रारम्भ की गई है। इनमें भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना में 8वीं उर्तीण युवक, युवतियों को स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख से 50 लाख रूपए तक एवं सेवा व्यवसाय इकाई स्थापित करने के लिए एक लाख से 25 लाख रूपए तक का ऋण बैंको से प्राप्त किया जा सकता है। योजनान्तर्गत शासन से 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजनान्तर्गत आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो एवं परिवार की वार्षिक 12.00 लाख रूपये से अधिक न हो। ऐसे बेरोजगार युवक योजना का लाभ लेकर स्वयं का स्वरोजगार स्थापित कर सकते है तथा आवेदक किसी अन्य योजनान्तर्गत डिफाल्टर न हो।
इसी प्रकार टट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में स्वयं का उद्योग, व्यवसाय स्थापित करने के लिए 10 हजार से एक लाख रूपए तक का ऋण बैंको से प्राप्त किया जा सकता है। योजनान्तर्गत शासन से 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। योजनान्तर्गत आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो एवं आयकर दाता न हो ऐसे पात्र एवं स्वरोजगार हेतु इच्छुक आवेदक आवेदन कर सकते है।
उन्होंने बताया कि जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के इच्छुक शिक्षित/अशिक्षित बेरोजगार युवक युवतियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए samast.mponline.gov.in पोर्टल पर आवेदन आमंत्रित कर सकते है। विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम शाखा जिला-धार (जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र) पर प्राप्त की जा सकती है।






