अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी ने ली जिला स्तरीय बैठक; iGOT प्लेटफॉर्म पर कोर्स करने वाले अफसरों को मिलेंगे ‘उत्कर्ष’ और ‘दक्ष’ बैज
झाबुआ | जिले के सरकारी महकमों में कार्यकुशलता और कौशल विकास बढ़ाने के लिए 2 अप्रैल से ‘साधना सप्ताह 2026’ का आगाज हो गया है। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सप्ताह केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि हर शासकीय सेवक की क्षमता बढ़ाने का एक बड़ा अभियान है।
अधिकारी-कर्मचारियों के लिए क्या हैं नए नियम?
- अनिवार्य लक्ष्य: प्रत्येक कर्मचारी-अधिकारी को कम से कम 10 प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे करने होंगे।
- समय सीमा: इन कोर्सेस की कुल अवधि न्यूनतम 4 घंटे होनी चाहिए।
- iGOT प्लेटफॉर्म: सभी ट्रेनिंग ऑनलाइन ‘iGOT कर्मयोगी’ पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी।
- थीम आधारित पढ़ाई: सप्ताह के हर दिन के लिए एक विशेष ‘थीम’ तय की गई है। अगर तय थीम का कोर्स उपलब्ध न हो, तो संबंधित अन्य कोर्स चुने जा सकते हैं।
डिजिटल रिवॉर्ड: बैज से नवाजे जाएंगे ‘कर्मयोगी’
प्रशिक्षण में बताया गया कि आधुनिक तकनीक और एआई (AI) को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है:
- कर्मयोगी उत्कर्ष बैज: एक ‘मार्केट प्लेस’ कोर्स पूरा करने पर दिया जाएगा।
- AI दक्ष बैज: तीन एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कोर्स करने पर अधिकारी इस बैज के हकदार होंगे।
निगरानी के लिए बना ‘वर्किंग ग्रुप’
अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी ने निर्देश दिए कि हर विभाग अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ें। इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिला और विभाग स्तर पर ‘कार्यान्वयन समूह’ (Working Group) गठित किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषयों पर होने वाले वेबिनार का लाइव प्रसारण अकादमी के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा।
अपर कलेक्टर की दो टूक: सभी विभाग साधना सप्ताह को गंभीरता से लें। निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में ये रहे मौजूद: प्रशिक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर वैशाली सोलंकी, सीएमएचओ डॉ. बी.एस. बघेल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुप्रिया बिसेन सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।





