जोबट से शाहरुख खत्री
आलीराजपुर।
मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 के विरोध और विधेयक पर पुनर्विचार की मांग को लेकर गुरुवार को जिला आलिराजपुर दफ्तर दारुल कजात के नेतृत्व में मुस्लिम समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार मंजू डावर को सौंपा। इस दौरान मुस्लिम समाज की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
विधेयक में धर्म के पालन को लेकर दंडात्मक प्रावधान
ज्ञापन का वाचन यास्मीन मंसूरी ने किया। समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि यूसीसी विधेयक में धर्म के पालन को लेकर दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं तथा कस्टम को अपवाद की श्रेणी में रखा गया है।समाजजन ने संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा के अनुसार धर्म को मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। साथ ही धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने एवं धार्मिक संस्थाएं स्थापित करने का अधिकार भी संविधान प्रदान करता है। सोपे गए ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित कानून के प्रावधानों से मुस्लिम समाज के पर्सनल लॉ और धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका है, जिससे समाज में व्यापक रोष व्याप्त है। समाज की ओर से महामहिम राष्ट्रपति से इस विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और आवश्यक बदलाव किए जाने की मांग की गई।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि यूसीसी कानून में आवश्यक बदलाव कर विधेयक पर पुनः विचार नहीं किया गया तो प्रदेश का मुस्लिम समाज चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इसकी समस्त जवाबदेही सरकार की होने की बात भी ज्ञापन में कही गई।
इस अवसर पर प्रभारी शहर काजी हाजी सैय्यद हनीफ मियां चिश्ती कादरी, पूर्व सदर साबिर बाबा, पूर्व सदर सानी मकरानी, जामा मस्जिद सदर इम्तियाज खान, सिराज खान तन्हा, खुर्शीद अली दीवान, चुन्नू चंदेरी, भुरू मकरानी, सलाउद्दीन नवाबी, ईशाक खान ‘बच्चू’, परवेज कुरैशी, हाजी तोसीफ मंसूरी, ईमरान मदनी, रफीक मंसूरी, समीर कुरैशी, रानू कुरैशी सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं महिलाएं उपस्थित थे।






