धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
शासन के प्राप्त निर्देशानुसार रबी वर्ष 2026-27 में उर्वरक के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने, किसानों को आवश्यक उर्वरक सुव्यवस्थित रूप से अग्रिम उपलब्ध कराने, ई-विकास प्रणाली से टोकन जनरेट करने साथ ही किसानों के फॉर्मर आईडी बनवाने, बकेटिंग के लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं पैक्स में आधिकारिक किसानों को सदस्य बनाने तथा केसीसी सैचुरेशन के उद्देश्य से जिले में ‘‘एग्रीस्टेक, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान’’ 20 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक चौधरी ने बताया कि जिले में एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान के शुभारम्भ का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन 21 अगस्त को विकासखंड सरदारपुर के राजगढ़ के शिव वाटिका गार्डन मेला मैदान में प्रातः 10 बजे से रखा गया है। जिसमे कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित सम्पूर्ण विभाग एवं संस्थाए अपने मैदानी अमले के साथ कार्यक्रम में अनिवार्यतः उपस्थित रहना सुनिश्चित किया गया है। साथ ही यह भी निर्देश दिये है कि एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान के शुभारम्भ के जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में नियत दिनांक, स्थान एवं समय पर सभी संबंधित विभाग एवं संस्था कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करे एवं अपने अधीनस्थ मैदानी अमले को अनिवार्यतः उपस्थिति हेतु निर्देशित करे।
ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) 2.0 प्रणाली से 20 अगस्त 2026 से शुरू हो गया उर्वरक वितरण
धार, 20 अगस्त 2026। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के संबंध में विभिन्न किसान संगठनों, निजी विक्रेताओं एवं समस्त अन्य स्टेकहोल्डर के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करने तथा ई-विकास प्रणाली के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाए जाने के उद्धेश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त, म.प्र. शासन भोपाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। समिति से प्राप्त सुझावों को ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 में अंगीकरण किया गया है, जिससे पोर्टल अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी हो गया है।
इसके तहत ई-विकास प्रणाली 2.0 में किसान को अपनी इच्छानुसार कोई भी एक उर्वरक को क्रय करने हेतु बिना किसी बंधन के उर्वरक क्रय कर सकता है। आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा अनुसार अथवा उससे अधिक मन चाहा उर्वरक प्रथम बार में ही किसान क्रय कर सकता है। अतिरिक्त उर्वरक लेने के लिए 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता को हटा कर ड्रापडाउन द्वारा कारण चयन की सुविधा दी गयी है। मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों पर 300 टोकन प्रतिदिन से अधिक टोकन जनरेट करने हेतु आवश्यकता अनुसार बढ़ाने की सुविधा दी गयी है। ई-विकास प्रणाली 2.0 में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टयर बैग में कर दी गयी है। किसान द्वारा टोकन जनरेट करने के 24 घंटे पश्चात् टोकन निरस्त करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। फसल ख़राब होने पर किसान द्वारा पुनः उर्वरक की मांग करने हेतु एक्सेप्शनल हैंडलिंग में सुविधा दी गयी है। एक्सेप्शनल हैंडलिंग में प्राप्त प्रकरणों को तहसीलदार/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदन किया जायेगा। किसान ई-विकास प्रणाली से संबंधित समस्याएं ई-विकास हेल्पलाइन नंबर- +917880223344 पर प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रत्येक शासकीय कार्य दिवसों में दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल पर फसलवार आई.सी.ए.आर की अनुशंसा अनुसार विभिन्न उर्वरक समूह की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे किसान मन पसंद उर्वरक के समूह का चयन कर सकेगा। मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों में आवश्यकता अनुसार अधिकतम उर्वरक का भंडारण किया जायेगा एवं इसके लिए ऑटोमेटेड व्यवस्था बनाई जा रही है





