बिलाल खत्री बड़ी खट्टाली
सद्गुरु उपासना वर्षावास के पावन अवसर पर ग्राम बड़ी खट्टाली में धर्मपरायण श्राविका नगीना महेश मेहता ने 36 उपवास की उग्र तपस्या पूर्ण की। यह तपस्या गुरुदेव श्रीमद् विजय श्री राजेंद्र सूरीश्वरजी एवं पुण्य सम्राट आचार्य देव श्री जयंत सेन सूरीश्वरजी महाराज साहब के दिव्य आशीर्वाद तथा गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी एवं आचार्य देव श्री जयरत्न सूरीश्वरजी के शुभ आशीर्वाद से और वर्षावास में खट्टाली में विराजित साध्वी श्री श्रद्धा निधि महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुई।
36 उपवास की कठिन साधना पूर्ण होने पर जैन श्रीसंघ एवं मेहता परिवार में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। जैन धर्म में तप, त्याग और संयम को आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण साधन माना गया है। नगीना मेहता ने दृढ़ संकल्प, श्रद्धा और आत्मबल के साथ यह उग्र तपस्या पूर्ण कर समाज के समक्ष प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
तपस्या का पारणा गुरुवार को प्रातः 10:30 बजे मेहता निवास पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर जैन समाज के गणमान्यजन, धर्मप्रेमी, परिजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहकर तपस्विनी की अनुमोदना करेंगे तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामनाएं करेंगे।
समाजजनों ने नगीना मेहता की इस कठिन साधना की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में 36 उपवास जैसी उग्र तपस्या अत्यंत कठिन एवं दुर्लभ है। उनकी यह साधना धर्म, संयम, श्रद्धा और आत्मबल का उत्कृष्ट उदाहरण है।





