बिलाल खत्री
जांच समिति पीड़ित परिवार से मिली, बोरी थाने पर धरने में हुई शामिल, एसपी-कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ₹1 लाख की सहायता, बच्चों को नौकरी व सरकारी मदद की मांग
आलीराजपुर, उदयगढ़ विकासखंड के बोरी क्षेत्र में आदिवासी विधवा महिला के साथ हुई जघन्य घटना को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। समिति ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की तथा इसके बाद बोरी थाना पहुंचकर ग्रामीणों के साथ धरने में शामिल हुई। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से अलग-अलग मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवार के पुनर्वास और क्षेत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक एवं आदिवासी कांग्रेस विभाग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, विधायक झूमा सोलंकी तथा जोबट विधायक सेना महेश पटेल शामिल रहे। इस दौरान आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल भी मौजूद रहे।
पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. विक्रांत भूरिया, जोबट विधायक सेना महेश पटेल एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल की ओर से पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। नेताओं ने कहा कि यह सहायता केवल प्रारंभिक सहयोग है, जबकि पीड़ित परिवार को न्याय, सम्मान और सुरक्षित भविष्य दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बोरी थाने पर ग्रामीणों के साथ धरने में बैठे
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद जांच समिति बोरी थाना पहुंची, जहां बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों के साथ धरने में शामिल हुई। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे चोरी, लूट, डकैती, महिलाओं के साथ अपराध, दुष्कर्म और असामाजिक गतिविधियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
एसपी और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
धरना स्थल से प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर से विस्तृत चर्चा की और पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, बच्चों को सरकारी नौकरी अथवा स्थायी रोजगार तथा परिवार के समुचित पुनर्वास की मांग की।
ज्ञापन में बोरी थाना प्रभारी को हटाने, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त पुलिस अभियान चलाने, रात्रि गश्त बढ़ाने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस टीम गठित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।
सरकार तब जागी जब कांग्रेस सड़क पर उतरी
प्रेस से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बाद तक प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगातार मुद्दा उठाने, डॉ. विक्रांत भूरिया, सेना महेश पटेल और महेश पटेल द्वारा आवाज बुलंद करने के बाद ही सरकार सक्रिय दिखाई दी।
मंत्री और सांसद पर साधा निशाना
कांग्रेस नेताओं ने मंत्री नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता नागर सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे समय रहते पीड़ित परिवार तक पहुंचकर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनाते, तो जनता में इतना आक्रोश नहीं होता।
डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं गृह विभाग संभाल रहे हैं, लेकिन प्रदेश में महिलाओं, आदिवासियों और आम नागरिकों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि बोरी क्षेत्र लंबे समय से अपराधों की चपेट में है। लगातार चोरी, लूट, महिलाओं के साथ अपराध और असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि पीड़ित परिवार को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल न्याय, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए।
विधायक झूमा सोलंकी ने कहा कि आदिवासी समाज की बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता तथा दोषियों को शीघ्र कठोर सजा मिलनी चाहिए।
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मंत्री और सांसद पीड़ित परिवार तक नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता के कारण क्षेत्र के लोगों का कानून व्यवस्था से विश्वास उठता जा रहा है।
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस जांच समिति ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला, दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई और बोरी क्षेत्र की कानून व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करेगी। नेताओं ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान और प्रदेश की कानून व्यवस्था का प्रश्न है, जिसके लिए कांग्रेस अंतिम समय तक संघर्ष करती रहेगी।





