खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
टंट्या मामा एवं भगवान बिरसा मुण्डा योजनाओं से मिलेगा आर्थिक संबल,
बैंकों के सहयोग से ऋण व ब्याज अनुदान का लाभ
खरगोन ।अनुसूचित जनजाति वर्ग के सदस्यों को स्वयं का रोजगार एवं व्यवसाय स्थापित करने के उद्देश्य से आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, खरगोन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शासन से प्राप्त लक्ष्य अनुसार विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक पात्र आवेदक बैंक ऋण के सहयोग से इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना (लक्ष्य – 238)
इस योजना के अंतर्गत आवेदक का अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य होना तथा आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होना अनिवार्य है। आवेदक को जाति प्रमाण पत्र, निवासी प्रमाण पत्र, परिवार का आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी, राशन कार्ड एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना होगा।
योजना अंतर्गत बैंक के माध्यम से 10 हजार से 01 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा, जिस पर 07 प्रतिशत ब्याज अनुदान 05 वर्ष की अवधि के लिए देय होगा। गारंटी शुल्क मध्यप्रदेश शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना (लक्ष्य – 48)
इस योजना में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 18 से 45 वर्ष आयु के पात्र आवेदक आवेदन कर सकते हैं। आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों में जाति प्रमाण पत्र, निवासी प्रमाण पत्र, परिवार का आय प्रमाण पत्र (वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम), कक्षा 8वीं उत्तीर्ण की अंकसूची, बैंक पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी, राशन कार्ड एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।
योजना के अंतर्गत सेवा व्यवसाय के लिए 01 लाख से 25 लाख रुपये तक तथा विनिर्माण इकाई के लिए 01 लाख से 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध है। इस पर 05 प्रतिशत ब्याज अनुदान 07 वर्ष की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा तथा गारंटी शुल्क शासन द्वारा देय होगा।
व्यवसाय के लिए व्यापक अवसर
भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ब्यूटी पार्लर, टेंट हाउस, वाहन मरम्मत, किराना, कपड़ा व्यवसाय, फुटवेयर मरम्मत जैसे सेवा एवं खुदरा व्यवसायों को शामिल किया गया है। वाहन संबंधी योजनाओं के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।
आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा पात्र हितग्राहियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय सीमा में एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर योजनाओं का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।






