धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
कुक्षी। नगर में शादी सीजन के चलते ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। बाजारों और मुख्य मार्गों पर दिनभर लगने वाले जाम से आमजन, राहगीरों के साथ-साथ एम्बुलेंस जैसी आपात सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की स्थिति बन रही है।
जाम के प्रमुख कारण.
नगर में ट्रैफिक अव्यवस्था के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं— अव्यवस्थित पार्किंग: पार्किंग व्यवस्था के अभाव में लोग सड़कों पर ही वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे 30 फीट चौड़ी सड़कें सिमटकर मात्र 10 फीट रह गई हैं। सड़क किनारे अतिक्रमण: ठेले और दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर तक सामान फैलाने से सड़कें संकरी हो रही हैं। ट्रैफिक हॉटस्पॉट: सुबह 8 बजे से देर रात तक मुख्य बाजार, चौराहों और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लगा रहता है।
वाहनों की अधिकता:
ई-रिक्शा, दोपहिया और चारपहिया वाहनों का बिना नियंत्रण प्रवेश जाम को और बढ़ा रहा है। शादी सीजन का असर: इस समय बड़ी संख्या में शादियों के कारण बाजारों में भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
समाधान के लिए जरूरी कदम
प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि—
प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती की जाए। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। पार्किंग व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो। रूट डायवर्जन और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर भीड़ को नियंत्रित किया जाए। नियम तोड़ने वालों को नोटिस और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जाए।
आमजन के लिए सुझाव.
यात्रा या बारात में जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। मुख्य बाजारों से बचते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। अंत में, यह समस्या केवल प्रशासन की नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है। यदि हर व्यक्ति नियमों का पालन करे, तो इस जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
“आपका नगर, आपकी जिम्मेदारी” — इस भावना के साथ सभी को सहयोग करना होगा।





