भीलगांव में दहशत फैलाने वाले शूटर और मददगार पुलिस के हत्थे चढ़े; उज्जैन में गुर्गे के सरेंडर के बाद खुला राज
खरगोन/कसरावद (संवाददाता सलीम खान) | जिले में अपना वर्चस्व जमाने और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मंसूबों पर खरगोन पुलिस ने पानी फेर दिया है। पुलिस ने गैंग के 12 सक्रिय गुर्गों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पिछले माह कसरावद के भीलगांव में एक प्रतिष्ठित कारोबारी के घर पर फायरिंग कर सनसनी फैला दी थी।
विदेशी नंबर से मांगी थी फिरौती
पकड़े गए आरोपियों ने भीलगांव के कारोबारी दिलीप राठौर के घर पर गोलीबारी की थी। वारदात के बाद सोशल मीडिया के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली गई थी और विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर 10 करोड़ रुपये की मोटी फिरौती की मांग की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद से ही क्षेत्र के बड़े कारोबारियों में दहशत का माहौल था।
उज्जैन में सरेंडर से टूटी कड़ी
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि इस पूरी गैंग का पर्दाफाश लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे राजपाल के उज्जैन पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद हुआ। राजपाल से मिली जानकारी के आधार पर खरगोन पुलिस ने जाल बिछाया और शूटर, रेकी करने वाले, गोली चलवाने वाले और संसाधन उपलब्ध कराने वाले सभी 12 आरोपियों को दबोच लिया।
हथियार और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में साजो-सामान जब्त किया है, जिसमें शामिल हैं:
- वाहन: 3 कार और 1 मोटरसाइकिल।
- हथियार: 4 पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस।
- डिजिटल सबूत: 10 मोबाइल फोन।
पुलिस और कारोबारियों ने ली राहत की सांस
एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि यह गैंग जिले में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रही थी। समय रहते इनकी गिरफ्तारी से न केवल पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, बल्कि क्षेत्र के व्यापारियों ने भी राहत महसूस की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से उनके अन्य संपर्कों और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है।
एसपी की दो टूक: “जिले में किसी भी अपराधी या गैंग को पनपने नहीं दिया जाएगा। अपराध में सहायता करने वाले और अपराधियों को शरण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।”





