जोबट से शाहरुख खत्री
पवित्र रमज़ान माह के 30 मुकद्दस रोजों की समाप्ति के बाद आज शनिवार को जोबट ईद-उल-फितर का पर्व पूरे पारंपरिक उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। शुक्रवार रात आसमान में ईद का चाँद नजर आते ही समाज में खुशी की लहर दौड़ गई, जिसके बाद आज सुबह शहर के मुख्य ईदगाह मैदान पर सामूहिक नमाज़ अदा की गई।
खुदा की बारगाह में झुके हजारों सिर
ईदगाह मैदान पर जामा मस्जिद के पेश ईमाम सैय्यद आमीरूल हसन दादा जी साहब ने ईद की विशेष नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद पढ़े गए खुतबे में इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम दिया गया। इस दौरान हजारों हाथ एक साथ आसमान की ओर उठे और देश-प्रदेश में तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज को लेकर कमेटी द्वारा की गई माकूल व्यवस्थाओं की समाजजनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दी मुबारकबाद
पर्व की महत्ता को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद रहा। ईदगाह पर मौजूद, जोबट एसडीओपी रविन्द्र राठी,थाना प्रभारी विजय वास्कले सहित अन्य ने मुस्लिम समाजजनों को गले लगकर ईद की दिली मुबारकबाद और शुभकामनाएं दीं। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सैय्यद तनवीर हसन दादा जी ने एसडीओपी रविन्द्र राठी एवं समस्त पुलिस कर्मियों का हार फूल और मिढ़ाई दे कर स्वागत दे कर आभार व्यक्त किया।
घरों में महकी सेवइयों की खुशबू, बच्चों को मिली ईदी
नमाज़ के बाद पूरे नगर में ईद मिलन का दौर शुरू हो गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवा और रंग-बिरंगे कपड़ों में चहकते बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। बुजुर्गों ने बच्चों को ‘ईदी’ देकर उनकी खुशियाँ दोगुनी कर दीं। घरों में मेहमानों का स्वागत लजीज शीर-खुरमा और सेवइयों से किया गया। यह पर्व आपसी दूरियां मिटाकर एक-दूसरे के करीब आने का संदेश दे गया।





