पेयजल, पार्किंग और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश; तैनात अमले को सजग रहने की हिदायत
सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कलेक्टर बालागुरू के ने धाम में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अपनी ड्यूटी को केवल शासकीय कार्य न मानकर सेवा भाव के साथ निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार सहयोगात्मक और विनम्र होना चाहिए ताकि दूर-दराज से आने वाले आस्थावानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
ड्यूटी स्थल छोड़ने पर रहेगी पाबंदी
कलेक्टर ने कड़े लहजे में कहा कि सभी अधिकारी अपने निर्धारित ड्यूटी क्षेत्र में पूरे समय उपस्थित रहें और बिना अनुमति स्थल न छोड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन और कथा श्रवण कर सकें।
बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान
- स्वच्छ पेयजल: धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने पानी के टैंकरों और पाइप लाइनों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा है।
- यातायात एवं पार्किंग: वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग और मुख्य मार्गों को जाम मुक्त रखने के लिए यातायात पुलिस को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दी जाएगी।
- स्वास्थ्य सेवाएं: अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और एम्बुलेंस सेवाओं को ‘अलर्ट मोड’ पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा।
हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम रहेंगे सक्रिय
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्थापित कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर बालागुरू के ने कहा कि हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी संवेदनशीलता के साथ श्रद्धालुओं की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान करें।
प्रशासन का संकल्प
कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि कुबेरेश्वर धाम आने वाले हर व्यक्ति को आस्था और श्रद्धा के अनुरूप एक बेहतर वातावरण मिलना चाहिए, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





