जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर की उपस्थिति में सुनी गईं समस्याएं; आमजन ने रखीं अपनी मांगें
नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 92 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी पोर्टल पर अद्यतन की जाए और आवेदक को भी निराकरण से अवगत कराया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
इन क्षेत्रों से पहुंचे आवेदक
जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से ग्रामीण और शहरी आवेदक अपनी समस्याओं के निराकरण की आस लेकर पहुंचे। आवेदन प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख रूप से:
- जावद के असलम मोहम्मद और आसिफ।
- नीमच सिटी की पायल, नयागांव के राजू धाकड़, और स्कीम नं. 34 नीमच की संतोष देवी व रुकमणी।
- पिपलिया की विद्याबाई, सेमली चंद्रावत के राधेश्याम और देवरान के कारूलाल।
- कंजार्डा के प्रेमचंद्र, दामोदरपुरा की शांतिबाई, तालखेडा के धन्नालाल और गिरदौडा के भारतसिह।
- लसूडी तंवर के ओमप्रकाश, चल्दू के गौरव सिंह, विकास नगर के मनोज कुमार व कमलादेवी और आंत्रीमाता के राजमल।
इसके अतिरिक्त सरवानिया बोर की रामप्यारी बाई, मोरवन के सुरेन्द्र कुमार, धनेरिया कलां के मोहनलाल, बल्दरखा के शंकरलाल, जन्नौद के मोहन, अथवा बुजुर्ग के सुनील, रतनगढ़ के चांदमल व राधेश्याम, कुमारिया विरान की कलाबाई और ऊचेड की जमुना ने भी अपने आवेदन प्रस्तुत किए।
समयबद्ध समाधान पर जोर
कलेक्टर ने मौके पर ही कई आवेदनों को संबंधित विभागों को मार्क करते हुए जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी बाधाओं को दूर करना है।





