खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
‘रन फॉर स्वदेशी’, सूर्य नमस्कार, स्वच्छता श्रमदान एवं सौंदर्यीकरण कार्यक्रम
खरगोन । स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खरगोन में क्रीड़ा विभाग, एनएसएस विभाग एवं रेड क्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में चार प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया। सभी कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. एस. चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत “रन फॉर स्वदेशी” से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने शहर में दौड़ लगाकर नागरिकों को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए जागरूक किया। विद्यार्थियों ने पूरे मार्ग में “स्वदेशी अपनाओ” के नारों से वातावरण को राष्ट्रभाव से भर दिया। यह दौड़ महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर विजय पुस्तकालय तक गई और पुनः महाविद्यालय में आकर संपन्न हुई। स्वस्थ युवा, सशक्त भारत की थीम पर इंडोर स्पोर्ट्स हॉल में सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों के अनुरूप युवाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करना था। विद्यार्थियों ने अनुशासन एवं ऊर्जा के साथ सूर्य नमस्कार कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
सेवा और जिम्मेदारी के भाव लेकर महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने स्वेच्छा से श्रमदान करते हुए परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छता के महत्व को व्यवहार में उतारा। यह कार्यक्रम सामाजिक जिम्मेदारी एवं सेवा भावना का सशक्त उदाहरण बना। प्रकृति से जुड़ाव के भाव को लेकर विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में लगे पेड़-पौधों पर रंग-पेंट कर उन्हें सुंदर स्वरूप दिया गया। इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के साथ-साथ परिसर को आकर्षक बनाने में भी योगदान दिया।
महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ वंदना बर्वे एवं डॉ ललिता बर्गे ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। इन सभी कार्यक्रमों में डॉ. रविंद्र बर्वे, डॉ. जियालाल अकोले, डॉ. धर्मेंद्र पाटीदार, एनएसएस प्रभारी डॉ. सुरेश अवासे, रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. ओएस मेहता, डॉ संजय कोचक, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. गगन चौधरी, महाविद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। इन आयोजनों के माध्यम से महाविद्यालय ने न केवल स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवंत किया, बल्कि युवाओं में स्वदेशी, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सेवा के मूल्यों को भी सशक्त रूप से स्थापित किया।






