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सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक समरसता का महाकुंभ…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नानपुर में ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ…

मांगीलाल वर्मा

नानपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार, 4 जनवरी को नानपुर में ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत भारत माता के चित्र पर पूजा-अर्चना के साथ हनुमान चालीसा के साथ की गई। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में सर्व हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान हिंदू समाज में आपसी तालमेल, एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों, समाजजनों और साधु-संतों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को नई ऊँचाइयाँ दीं। वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और परिवार संस्था की मजबूती पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह हिंदू सम्मेलन पुलिस थाना ग्राउंड में आयोजित हुआ। इसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीणों महिला पुरुष ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पधारे आलीराजपुर के पंचमुखी हनुमान मंदिर के प्रमुख संत श्री 108 श्री घनश्याम दास महाराज जी ने कहा सामाजिक समरसताऔर धर्म रक्षा के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होना चाहिए।क्षेत्र में हो रहे धर्मांतरण को लेकर भी अपनी चिंता के साथ सुधारात्मक पहलू पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, मालवा प्रांत के सहबौद्धिक प्रमुख श्री आशीष जादम ने संघ के मूल विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू दर्शन संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सामाजिक सेवा, अनुशासन और चरित्र निर्माण के लिए हिंदू दर्शन को अपने जीवन का आधार बनाएं।

श्रीआशीष जी ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू समाज की एकता ही देश की शक्ति है। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन (परिवार में संस्कारों का संचार), स्वदेशी अपनाने और आपसी सद्भाव बनाए रखने जैसे पांच प्रमुख परिवर्तनों पर बल दिया।

उन्होंने संघ की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि शाखाओं के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार और संगठन का भाव विकसित किया जा रहा है।

नारी शक्ति की अग्रणी भूमिका…
सम्मेलन की सबसे विशेष बात महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिलाओं ने न केवल उपस्थित होकर योगदान दिया, बल्कि आयोजन के विचार और व्यवस्था के स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। श्रीमती दीपिका दीदी (कट्ठीवाड़ा) ने कहा कि संस्कारवान समाज की नींव घर से ही पड़ती है और इसमें महिलाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने परिवार संस्था की मजबूती, बच्चों में संस्कार निर्माण, सामाजिक समरसता और सेवा भाव को जीवन का अंग बनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन स्थल पर गोमाता का पूजन पांडाल बनाया एवं गोबर व गोमूत्र से बने विभिन्न उत्पाद का स्टाल भी लगाया गया। जिसे सभी ने सराहा।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया और माँ भारती की आरती उतारी साथ ही महाप्रसादी का आयोजन किया गया।

नानपुर मंडल संयोजक प्रमुख मनोहरलाल वाणी ने सभी अतिथियों का मंच में स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले स्वयंसेवकों तथा ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पंडित कमलेश नागर ने किया। इस अवसर पर जिला शारीरिक प्रमुख/मंडल प्रभारी भुवान जी परमार, राजेंद्र पटेल सेजगांव,रतन सींग पटेल मोहि ,राजू जी पटेल मोरासा,विक्रम पटेल ढ़ोलखेड़ा. राहुल मौर्य पुजारा मोरीफलिया,छगन सींग पटेल, माछलिया,भगत सींग गडरिया एवं
पटेल ,पुजारा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।
पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा।

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