खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन पुलिस ने सराफा व्यापारी से धोखाधड़ी कर नकली सोना-चाँदी के आभूषण देकर असली आभूषण एवं नगदी लेकर फरार होने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने घटना में शामिल 02 शातिर अंत्तर्राज्यीय आरोपियों को किया गिरफ्तार,
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने धोखाधड़ी कर ले गए सम्पूर्ण मशरुका नगदी 17,00,000/- रुपये व सोने चांदी के आभूषण कीमत 03 लाख रुपये के किए जप्त,
आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के तहत फरियादी सराफा व्यापारी से पूर्व में 3 से4 बार दुकान से खरीदी कर जीता भरोसा, बाद में धोखाधड़ी कर ले गए कुल 20 लाख रुपये कीमत के नगदी व आभूषण,
घटना के खुलासे व बेड़िया सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने किया पुलिस का सम्मान व इनाम स्वरूप 10 हजार रुपये इनाम दिया पुलिस फंड में।
खरगोन। दिनांक 28.11.25 को थाना बेड़िया पर शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमे ग्राम बेड़िया स्थित सोम्य ज्वेलर्स संचालक दीपक मुछाल ने बताया कि दिनांक 27.11.25 को दो व्यक्ति मेरी दुकान पर आए जो मेरी दुकान पर पूर्व में भी तीन चार बार मुझसे सोने के आभूषणों कि खरीदी बिक्री की है, बातचीत में जिन्होंने अपना परिचय हरियाणा के निवासी होना बताया था । उन्होंने बताया कि उनको लडकी की शादी के लिए सोने एव चांदी के जेवर व नगदी दस लाख रुपयो की जरुरत है । उन दोनों के पास 23 सोने की पुतलिया कुल वजन 230 ग्राम था जिनके बदले मैंने उन्हे सोने चांदी के आभूषण एवं कुछ नगदी रुपये कुल मशुरुक कीमत लगभग 20 लाख रुपये दिया था, जिसके बाद उन दोनों ने मुझसे कहा कि 10 दिन के भीतर वो 23 सोने की पुतलियो को भी पैसे देकर वापस ले जाएंगे । उनके जाने के बाद उन 23 सोने की पुतलियों की जांच करने पर नकली सोने की होना पाया गया । दोनों व्यक्तियों की तलाश करने पर उनका कोई पता नहीं चला , उक्त दोनों व्यक्तियों के द्वारा धोखाधड़ी करके नकली सोना देकर मुझसे सोने एवं चांदी के जेवर तथा नगदी 10 लाख रुपये लेकर गये है ।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक खरगोन रविन्द्र वर्मा के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक खरगोन (ग्रामीण) शकुन्तला रुहल व एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी बेड़िया उनि धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर आरोपी की शीघ्र से शीघ्र प्रकरण में गिरफ्तारी कर धोखाधड़ी कर लिए आभूषण व नगदी को वापस दिलवाने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही साइबर सेल खरगोन को भी इस प्रकरण में तकनीकी सहायता प्रदाय करने के लिए निर्देशित किया गया ।
प्राप्त निर्देशों के परिपालन में गठित पुलिस टीम के द्वारा उक्त मामले में बेड़िया व दुकान तक आने जाने के सभी संभावित रास्ते व आसपास के सीसीटीव्ही फुटेज देखे गए व संदेहियों को चिह्नित किया गया साथ ही इस प्रकार की घटना कारित करने वाले गैंग के बारे में भी जानकारी जुटाई गई ।
पुलिस टीम के द्वारा सीसीटीव्ही फुटेज के आधार पर आरोपियों का पीछा किया लगभग 100 से अधिक सीसीटीव्ही फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि, उक्त दोनों व्यक्ति पिथमपुर में रहते एवं कुछ दिन पहले ही किराए का कमरा खाली कर वहां से भी फरार हो गए है, जिनका पूरा नाम धर्मेन्दर पिता राजवीर निवासी जौनाई थाना जेत जिला मधुरा उत्तरप्रदेश हाल सताजना एवं बिजेन्द्र पिता राजकुमार निवासी सोहना थाना सोहना जिला गुड़गांव हरियाणा सताजना के होने की जानकारी मिली । प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम को दोनों आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु रवाना किया गया, गठित पुलिस टीम के द्वारा सायबर सेल टीम से मिली जानकारी व थाना प्रभारी बेड़िया उनि धर्मेन्द्र यादव को मिली मुखबिर सूचना के आधार पर दो टीमो के द्वारा एक साथ आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई । परिणामस्वरूप पुलिस के द्वारा सफलतापूर्वक घटना में शामिल दोनों आरोपियों धर्मेन्दर पिता राजवीर निवासी जौनाई थाना जेत जिला मधुरा उत्तरप्रदेश हाल सताजना एवं बिजेन्द्र पिता राजकुमार निवासी सोहना थाना सोहना जिला गुड़गांव हरियाणा सताजना को गिरफ्तार किया गया व दोनों आरोपियों की निशानदेही पर आरोपियों के कब्जे से कुल 17,00,000/- रुपये नगदी एवं लगभग 3,00,000/- रुपये कीमत सोने चांदी के आभूषणो को नियमानुसार विधिवत जप्त कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपियों के वारदात करने का तरीका
आरोपीयो ने पूछताछ में बताया कि, वो उनके गिरोह के साथ विभिन्न स्थानों पर नाम बदल बदलकर रहते है एवं सराफा व्यापारियों से उनकी दुकान पर प्लानिंग अनुसार खरीदारी बिक्री कर एवं अच्छे लहजे में बातचीत कर उनका विश्वास जीत कर भरोसा दिलाते है । बाद में जब व्यापारी को विश्वास हो जाता है तब किसी मजबूरी का नाम लेकर कम दाम में नकली सोने को असली बता कर धोखाधड़ी कर मौके से फरार हो जाते है ।
यह की गयी कार्यवाही एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी बेड़िया उनि धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में सउनि पूनमचंद पवांर, प्र.आर. महिपाल पेंडारे, प्रआर. राजेद्र चौहान, आर. राजीव गुर्जर, देवीसिंह चौहान, कैलाश सागरिया, लोकेन्द्र गुर्जर, आर. चन्द्रपाल, आर. नीरज, आर. राहुल, आर. अभिनाश, आर. रामसेवक एवं साइबर सेल टीम से उनि दीपक तलवारे, प्रआर. आशीष अजनारे, आर. सचिन चौधरी एवं आर. मगन अलावा का विशेष योगदान रहा ।






