शिकायतों के साथ कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करने पहुंच रहे नागरिक
इंदौर | 23 दिसंबर 2025 कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित आज की जनसुनवाई में कुल 315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों के लिए समय-सीमा (Time-limit) तय की गई है। प्रशासन का यह मंच अब जनविश्वास का सशक्त उदाहरण बनता जा रहा है।
1. संवेदनशीलता की मिसाल: भारती बाई और नन्हीं अनिका
जनसुनवाई में आज कुछ ऐसे मामले आए जिन्होंने सभी का दिल जीत लिया:

- भारती बाई (बुजुर्ग महिला): पिछली जनसुनवाई में बेसहारा और बीमार स्थिति में आई भारती बाई को कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया था। आज वे पूरी तरह स्वस्थ होकर कलेक्टर का आभार व्यक्त करने पहुंचीं। उनके रहने के लिए अब आवास की व्यवस्था भी की जा रही है।
- अनिका (9 करोड़ का इलाज): एक गंभीर बीमारी से जूझ रही बालिका अनिका के जीवन को बचाने के लिए इंदौरवासियों ने दरियादिली दिखाई है। आज विनय उजाला वेलफेयर सोसायटी ने 2.77 लाख रुपये की मदद दी। अब तक जनसहयोग से 3 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र हो चुके हैं, जबकि अभी 6 करोड़ रुपये की और आवश्यकता है।
2. दिव्यांगों को मिला स्वरोजगार का संबल

प्रशासन ने दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए:
- अफजल अब्बासी: इन्हें रोजगार शुरू करने के लिए 20 हजार रुपये मूल्य की अगरबत्ती और बैग उपलब्ध कराए गए।
- हरिनारायण जाधव: अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर राहत दी गई।
3. अवैध गतिविधियों पर प्रशासनिक प्रहार
जनसुनवाई में केवल सहायता ही नहीं, बल्कि सख्त अनुशासन के मामले भी सामने आए:
- अवैध शराब और कब्जा: अवैध शराब की बिक्री और कॉलोनियों में अवैध कब्जे की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया गया। संबंधित विभागों को परीक्षण कर विधि सम्मत कार्रवाई (FIR और जप्ती) के निर्देश दिए गए।
- कॉलोनाइजर पर कार्रवाई: सांवेर रोड की एक कॉलोनी में प्लॉट आवंटन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले कॉलोनाइजर के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, श्री रोशन राय, और श्री रिंकेश वैश्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर का संदेश: “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में हमारा उद्देश्य है कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के मामलों में संसाधनों की कमी बाधा न बने। हर योग्य प्रकरण का मानवीय समाधान हमारी प्राथमिकता है।”






