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व्हाट्सएप पर खरगोन कलेक्टर की फोटो लगा कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह सदस्यों को खरगोन पुलिस ने मुंबई व रीवा से किया गिरफ्तार

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खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री

प्रकरण मे अब तक गिरोह के कुल 09 आरोपी गिरफ्तार, जिनमे 02 विधिविरुद्ध बालक व 01 महिला,
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने जप्त किया प्रकरण मे धोखाधड़ी कर निकाला 01 लाख रुपये,
गिरफ्तार आरोपीयो ने पूछताछ में पुलिस को दी कई महत्वपूर्ण जानकारी, अन्य आरोपियों की तलाश है जारी,
महंगे शौक पूरे करने व जल्दी पैसे कमाने के लिए युवकों ने अपनाया लोगों को ठगने का रास्ता साथ ही दिए किराए पर बैंक खाते,
पुलिस की नागरिकों से अपील किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर डीपी (प्रोफाइल फोटो) देख कर न करे भरोसा संबंधित से उसके नंबर पर चर्चा कर ही करे पैसे का लेनदेन।

खरगोन ।थाना कोतवाली खरगोन पर शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमे किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मोबाइल नंबर +84339410118 से खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल की फोटो (डी.पी.) लगाकर पैसों की मांग की जा रही है । जिसमे फरियादी निवासी खरगोन ने उक्त अज्ञात मोबाईल नंबर धारक के कहने पर उसके बताए अनुसार अज्ञात बैंक खाते में 01 लाख रुपये डाल दिए है, जिस पर थाना कोतवाली खरगोन पर अपराध क्रमांक 449/25 धारा 318(4) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।

उक्त शिकायत आवेदन पर तत्काल संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक खरगोन रविन्द्र वर्मा के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक खरगोन (शहर) बिट्टू सहगल व एसडीओपी रोहित लखारे के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी कोतवाली खरगोन निरीक्षक बीएल मंडलोई के नेतृत्व में थाना कोतवाली खरगोन व साइबर सेल खरगोन की टीम को उक्त मामले से जुड़े गिरोह का खुलासा करने के लिए निर्देशित किया गया ।

प्राप्त निर्देशों के परिपालन में पुलिस टीम के द्वारा तत्काल उक्त मामले से जुड़े सभी बैंक खातों को फ्रीज़ कराया गया व संबंधित बैंको से जानकारी एकत्रित की गई जिसमे पुलिस को जानकारी मिली कि उक्त राशि मुंबई निवासी ग्लोरीया फर्नानडिस निवासी मुंबई के खाते में गई है । पुलिस के द्वारा तत्काल ग्लोरीया फर्नानडिस निवासी मुंबई को अभिरक्षा मे लिया गया जिससे पूछताछ करने पर ग्लोरीया फर्नानडिस निवासी मुंबई के द्वारा बताया गया कि उसने उसका बैंक अकाउंट व उसकी एक सिम को अनलाइन मिले एक दोस्त के कहने पर दिल्ली भेज दी है ।

प्रकरण की अगली कड़ी मे उक्त फ्रॉड की राशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से कई अन्य बैंक अकाउंट मे अनलाइन ट्रैन्सैक्शन के माध्यम से ट्रांसफर की गई है जिसके पश्चयात रीवा स्थित एटीएम से निकालने की जानकारी पुलिस को मिली । पुलिस टीम के द्वारा सूक्ष्मता से प्रकरण मे आए तथ्यों का अवलोकन किया गया व प्रकरण बयानों, सीसीटीव्ही फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रीवा पुलिस की मदद से 06 और अन्य आरोपियों (जिनमे 02 विधिविरुद्ध बालक है) को पुलिस टीम के द्वारा अभिरक्षा मे लिया गया ।

रीवा से गिरफ्तार आरोपियों के द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई की उन्होंने पंकज पटेल व दीपक पटेल के कहने पर उन्हे किराये/कमिशन पर उन्हे बैंक खाते व सिम उपलब्ध कराई थी । पुलिस के द्वारा पंकज पटेल व दीपक पटेल की गिरफ़्तारी के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे थे जिन्हे भी पुलिस के द्वारा प्रकरण मे गिरफ्तार किया गया है व उनके कब्जे से प्रकरण मे धोखाधड़ी कर निकले 1,00.000/- को नियमानुसार विधिवत जप्त किया गया है । इस मामले में अब तक 07 आरोपियों की गिरफ़्तारी हो चुकी है विवेचना मे आए अन्य तथ्यों के आधार पर प्रकरण मे शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी की जाएगी ।

गिरफ्तारशुदा आरोपियों के नाम

  1. ग्लोरिया फर्नाडिस पिता एन्जल मेन्डोनसा निवासी एन्जल मेन्डोसा हाउस आदर्श नगर कांजुर मार्ग इस्ट मुम्बई
  2. शिवांस सिह यादव पिता ब्रजभान यादव निवासी रौरा थाना गोविन्द गढ जिला रीवा
  3. शिवेन्द्र वर्मा पिता लल्लन वर्मा जाति कुशवाह निवासी रौरा थाना गोविन्द गढ जिला रीवा
  4. रोहित यादव पिता विनोद यादव निवासी ग्राम धोखरा पोस्ट मडवा थाना गोविन्दगढ जिला रीवा
  5. विनित चौहान पिता विनोदसिह चौहान निवासी ग्राम नवल्या थाना जमोडी जिला सिधी हाल मुकाम भण्डारी काम्पलेक्स में किराये का मकान रीवा जिला रीवा
  6. पंकज पटेल पिता अशोक पटेल जाति कुर्मी निवासी ग्राम बबनगाँव कस्तरी 78 पोस्ट निगा थाना गोविन्द गढ जिला रीवा
  7. दीपक पटेल पिता मुरारीलाल पटेल जाति कुर्मी उम्र 21 साल निवासी ग्राम दुआरी तहसील गुढ थाना गुढ जिला रीवा
  8. 02 विधिविरुध्द बालक ।

पुलिस की नागरिकों से अपील
सोशल मीडिया पर ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ फर्जी प्रोफ़ाइल बनाकर लोगों से पैसे माँगे जा रहे हैं। स्कैमर्स किसी दोस्त, रिश्तेदार, सहकर्मी या प्रसिद्ध व्यक्ति की नकल करते हुए उनका नकली अकाउंट बनाते हैं और पीड़ितों को संदेश भेजते हैं।

  • स्कैम कैसे किया जाता है?
    ठग किसी असली व्यक्ति की तस्वीरें, नाम और पुराने पोस्ट का उपयोग कर एक बिल्कुल मिलता जुलता प्रोफ़ाइल बनाता है।
    वे संदेश भेजकर बताते हैं कि वे मुसीबत में हैं, बैंक खाता काम नहीं कर रहा या उन्हें तुरंत पैसों की जरूरत है ।
    इसके बाद वे पैसे ट्रांसफर करने, गिफ्ट कार्ड खरीदने या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने के लिए कहते हैं ।
  • अपनी सुरक्षा कैसे करें?
  • पहचान की पुष्टि करें: पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति को उसके असली नंबर पर कॉल करें ।
    प्रोफ़ाइल को ध्यान से जाँचें: यूज़रनेम, स्पेलिंग या नई प्रोफ़ाइल होने जैसी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें ।
    व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी सोशल मीडिया पर कभी साझा न करें ।
    अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत करें, ताकि आपकी व्यक्तिगत जानकारी सीमित लोगों तक ही दिखाई दे ।

किसी भी प्रकार का अनलाइन धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड हो जाने पर उसकी शिकायत 1930/https://cybercrime.gov.in पर दर्ज करे या नजदीकी पुलिस थाने पर सूचना दे ।

उक्त की गई कार्यवाही मे एसडीओपी रोहित लखारे के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी कोतवाली खरगोन निरीक्षक बीएल मंडलोई के नेतृत्व में उपनिरीक्षक आत्माराम असवारे, प्रआर. काशीराम, आर. आले अली, विकास तथा रीवा पुलिस के समान थाना प्रभारी निरीक्षक विजयसिह बघेल एवं उनकी टीम तथा गोविन्द गढ थाना जिला रीवा की पुलिस टीम व सायबर सेल खरगोन से प्रभारी उनि दीपक तलवारे, प्रआर. आशीष अजनारे, आर. सचिन चौधरी, आर. मगन अलावा, आर. अभिलाष डोंगरे, आर. सोनु वर्मा का विशेष योगदान रहा ।

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