बिलाल खत्री
आलीराजपुर जिले के छकतला आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के नेतृत्व में छकतला में एक ऐतिहासिक आदिवासी अधिकार आंदोलन का आयोजन किया गया।इस आंदोलन में क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, युवाओं और बहनों ने हजारों की संख्या में भाग लेकर 22 प्रमुख जनमुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद की।
कार्यक्रम के समापन पर सभी मांगों को लेकर नायब तहसीलदार, उप-तहसीलदार छकतला को ज्ञापन सौंपा गया, जिसे जिला कलेक्टर अलीराजपुर को प्रेषित किया गया।
मंच से गूँजी जनता की आवाज़
सभा को परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल, प्रदेश सचिव माथियास भूरिया, जयस कार्यवाहक अध्यक्ष झाबुआ मधु भाई, परिषद जिला अध्यक्ष अंगर सिंह चौहान, पूर्व जनपद अध्यक्ष समशेर पटेल, झमराला भाई, उत्तम भाई सहित कई सामाजिक प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
महेश पटेल का चेतावनी भरा संबोधन
अपने जोशीले भाषण में महेश पटेल ने कहा मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व बखतगढ़ अस्पताल को चालू किया जाए और फूलमाल अस्पताल में डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही छकतला कृषि मंडी को तत्काल प्रारंभ किया जाए।
यदि अस्पताल और मंडी शुरू नहीं हुई, तो हम मुख्यमंत्री के सामने धरने पर बैठेंगे चाहे कुछ भी हो जाए। आगे कहा भाजपा नेताओं के दबाव में छकतला चौकी पुलिस आदिवासी युवाओं को परेशान न करे।
नए एसपी द्वारा शराब माफियाओं पर की गई कार्रवाई सराहनीय है, किंतु पूर्व कलेक्टर और पूर्व एसपी की कार्यशैली पूरी तरह भाजपा के दबाव में रही। हमारे आदिवासी नायक छीतू किराड़ की मूर्ति समाज की आवंटित भूमि पर नहीं लगाने दिया गया यह आदिवासियों का अपमान है।
भाजपा सरकार पर सीधा हमला
हम मूर्ति स्थापित करके रहेंगे। मैं स्वयं मूर्ति लेकर पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर इसे स्थापित करूंगा।साथ ही, मैं पूर्व पुलिस अधीक्षक के खिलाफ मानहानि का दावा दाखिल कर रहा हूँ।
पटेल ने कहा मोहन यादव सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।
किसानों को बिजली नहीं, युवाओं को रोजगार नहीं, शिक्षा और सड़क की हालत बदतर है। यह सरकार आदिवासियों, किसानों और आम जनता के हितों की दुश्मन बन चुकी है।
ज्ञापन की 22 प्रमुख माँगें
1, छकतला कृषि मंडी को तत्काल पुनः चालू किया जाए।
2, किसानों को फसलों का उचित मूल्य एवं समय पर भुगतान मिले।
3, बिजली संकट का स्थायी समाधान किया जाए।
4,खाद एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
5, सोयाबीन, मूंग, उड़द आदि फसलों के नुकसान का मुआवज़ा दिया जाए।
6, बंगाली डॉक्टरों की जांच कर संदिग्ध कार्यों पर रोक लगाई जाए।
7,लोक सेवा केंद्र की तकनीकी समस्याओं का स्थायी निराकरण किया जाए।
8,लाड़ली बहना’ योजना में पंजीयन संबंधी परेशानियाँ दूर की जाएँ।
9,योजना की राशि ₹1250 से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह की जाए।
10, छकतला को तहसील का दर्जा दिया जाए।
11, माथवाड़ क्षेत्र में नर्मदा लाइन से पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
12, नर्मदा किनारे के गाँवों में बिजली सुविधा दी जाए।
13,आधार कार्ड सुधार एवं नए पंजीयन की प्रक्रिया सरल बनाई जाए।
14, स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता एवं भवन सुधार किए जाएँ।
15, मिड-डे मील योजना में पौष्टिक भोजन की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
16, सोसाइटी स्तर पर अनाज वितरण में फैले भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की जाए।
17, शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
18 आंगनवाड़ी भर्ती में हुई अनयमितताओं की जांच की जाए।
19, बखतगढ़ एवं फूलमाल स्वास्थ्य केंद्रों को संचालित किया जाए और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए।
20, अपूर्ण सड़कों एवं पुल-पुलियाओं के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएँ।
21, छकतला चौकी पुलिस द्वारा आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों की जांच की जाए।
22, उमराली क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।
वृहद आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में कहा गया कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो आदिवासी विकास परिषद वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
स्वागत एवं जनसमर्थन छकतला पहुँचने पर महेश पटेल का ग्रामीणों, सरपंचों और कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं, आतिशबाज़ी और नारेबाज़ी के साथ भव्य स्वागत किया। डावर पेट्रोल पंप से लेकर छकतला मंडी तक हज़ारों समर्थक पैदल यात्रा में शामिल हुए।
सभा स्थल पर सैकड़ों सरपंच, जनपद सदस्य एवं हजारों की संख्या में जनता ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।






