खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और मध्यस्था एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के निर्देशों के अनुसार ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्था‘ शीर्षक से एक विशेष अखिल भारतीय अभियान 01 जुलाई से 07 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश स्तर पर आयोजित किया गया था। इस 90 दिवसीय गहन अभियान का उद्देश्य प्रदेश भर में तहसील स्तर के न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालयों तक सभी स्तरों पर मध्यस्था के माध्यम से लंबित मामलों का समाधानपूर्वक निराकरण करना था।
न्यायायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधिपति मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर और संरक्षक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रेरणा से तथा न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, कार्यकारी अध्यक्ष, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के कुशल मार्गदर्शन में यह अभियान प्रदेश में लंबित मामलों को उचित रूप से हल करने और प्रदेश के हर कोने में विवादों के समाधान को अनुकूल तरीके से मध्यस्था योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया गया था।
90 दिवसीय अभियान के दौरान प्रदेश भर के कुल 4552 मामलों का मध्यस्था के माध्यम से सफलतापूर्वक निराकरण हुआ है तथा खरगोन जिले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डलेश्वर एवं अभियान के जिला नोडल अधिकारी अखिलेश जोशी के कुशल मार्गदर्शन में मण्डलेश्वर, महेश्वर, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव, सनावद एवं बड़वाह के न्यायालयों में लंबित कुल 162 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ है। जिनमें काफी संख्या में लंबे समय से लंबित पुराने मामले भी शामिल थे। निराकृत मामले विभिन्न श्रेणियों जैसे– वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और अन्य उपयुक्त सिविल मामले रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्था‘ अभियान नालसा और सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्था एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) द्वारा 01 जुलाई 2025 से शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी 90 दिवसीय पहल है। इसका उद्देश्य मध्यस्था के माध्यम से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के साथ-साथ समय और धन की बचत के साथ ही विवाद समाधान प्रणाली के रूप में मध्यस्था की प्रभावशीलता के बारे में जन-जागरूकता को बढ़ाना है। यह अभियान तहसील स्तर से लेकर उच्च न्यायालयों तक सभी न्यायालयीन स्तरों पर क्रियान्वित किया जा रहा है और इसमें वैवाहिक, दुर्घटना, सिविल, आपराधिक और उपभोक्ता विवादों जैसी पात्र श्रेणियों को शामिल किया गया है, इसमें भागीदारी के ऑनलाइन, ऑफलाइन एवं हाइब्रिड तरीके भी उपलब्ध कराए गए हैं।
‘राष्ट्र के लिए मध्यस्था‘ अभियान से विवादों को सुलझाने, अदालतों पर बोझ कम करने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में मध्यस्था, संवाद और सहयोग की शक्ति परिलक्षित हुई है।






