खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
थाना बलकवाडा पर की गई कार्यवाही ग्राम पनवा में अवैध कच्ची शराब बनाने की भट्टी को किया ध्वस्त,
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 80 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब व शराब बनाने के संसाधनो को किया जप्त,
मौके पर 400 लीटर लहान भी किया नष्ट।
खरगोन। पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन इन्दौर (ग्रामीण) अनुराग एवं पुलिस उप महानिरीक्षक निमाड रेंज खरगोन सिद्धार्थ बहुगुणा द्वारा अवैध शराब निर्माण, बिक्री एवं परिवहन पर अंकुश लगाने हेतु निर्देशित किया गया था । उक्त निर्देशों के परिपालन में पुलिस अधीक्षक खरगोन रविन्द्र वर्मा के निर्देशन व अति. पुलिस अधीक्षक खरगोन (ग्रामीण) शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन मे समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस व समस्त थाना प्रभारियों को प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया । इसी को लेकर थाना बलकवाडा पर पुलिस टीम ने अवैध कच्ची महुआ शराब ठिकानों पर दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध शराब जप्त व महुआ लहान नष्ट कर कार्यवाही की ।
दिनांक 25.09.25 को थाना बलकवाड़ा पर मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि, ग्राम पानवा का रहने वाला दिनेश डावर एवं दिनेश मालवाड़ी ग्राम पानवा मे साटक नदी के पास अवैध कच्ची महुआ शराब की भट्टी संचालित कर रहा है ।
मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी बलकवाडा रितेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर की सूचना से अवगत करवाकर रवाना किया गया । जहां पुलिस टीम के द्वारा ग्राम पानवा मे साटक नदी के पास दबिश दी गई जिसमे मौके पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर अवैध कच्ची शराब की भट्टी संचालित करते 02 व्यक्ति मिले जिनसे उनका नाम पता पूछने पर उन्होंने अपने नाम दिनेश डावर एवं दिनेश मालवाड़ी दोनों निवासी सर्वी मोहल्ला ग्राम पानवा का होना बताया ।
पुलिस ने मौके पर से कुल 80 लीटर अवैध कच्ची शराब कीमत लगभग 8000/- रुपये व अवैध कच्ची शराब बनाने के संसाधनो को नियमानुसार विधिवत जप्त किया एवं अवैध संचालित भट्टी व लगभग 400 लीटर लहान को मौके पर नष्ट कर, आरोपी के विरुद्ध थाना बलकवाडा पर अपराध क्रमांक 309/25 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है ।
उक्त प्रकरण मे एसडीओपी मण्डलेश्वर श्वेता शुक्ला के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी बलकवाडा रितेश यादव के नेतृत्व में उनि पप्पू मौर्य,सउनि अशोक नायर, प्रआर मंडलोई, , आर जीतेन्द्र बघेल, आर सुमित भदौरिया, आर तिलक खरते, आर धर्मेंद्र सोलंकी व आर सुमित भदौरिया का विशेष योगदान रहा ।






