शेख़ नसीम। भोपाल। राजधानी भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र के ऐशबाग में स्थित चर्चित 90 डिग्री ब्रिज को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। ब्रिज को बंद हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इसके मोड़ पर दायरा बढ़ाने की योजना पर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिर 90 डिग्री ब्रिज कब चालू होगा और उन्हें यातायात की समस्या से कब राहत मिलेगी।
करीब 678 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े इस ब्रिज के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। ब्रिज का 90 डिग्री का तीखा मोड़ देशभर में चर्चा का विषय बना था। इसकी डिजाइन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार की भी काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले में संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मोड़ को लेकर कई बार सुधार और ब्रिज का दायरा बढ़ाने की पहल की गई, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है।
अंडरब्रिज बंद होने से बढ़ी परेशानी
इधर, मेट्रो निर्माण कार्य के चलते प्रशासन ने बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज को भी बंद कर दिया है। इसके कारण जिंसी और बोगदा पुल पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक के बाद एक प्रमुख रास्ते बंद होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं, प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराए जाने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
तीन लाख की आबादी प्रभावित
बाग उमराव दूल्हा, नवीन नगर, बाग फरहत अफजा, सोनिया गांधी कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और महामाई का बाग सहित आसपास के बड़े इलाकों में रहने वाले लगभग तीन लाख लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में यातायात का दबाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
स्कूली बच्चों और मरीजों को भी परेशानी
सड़क मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव का असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर भी पड़ रहा है। जाम के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी होती है, वहीं आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
जनता को राहत कब मिलेगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 90 डिग्री ब्रिज के सुधार कार्य में और कितना समय लगेगा। साथ ही, बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज बंद होने से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था कब करेगा। क्षेत्रीय नागरिकों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ठोस कदम उठाएंगे, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और लाखों लोगों को रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।





