धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
धार जिले में 24 फरवरी से भगोरिया हाट का शुभारंभ होगा। यह आदिवासी संस्कृति का प्रमुख पर्व है, जो पूरे सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष जिले के 59 स्थानों पर भगोरिया हाट लगेंगे।
भगोरिया हाट जनजातीय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें आधुनिकता और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यह पर्व क्षेत्र के राजनेताओं और व्यापारियों के लिए भी प्रतीक्षित रहता है।
भगोरिया हाट में शामिल होने के लिए गुजरात और अन्य राज्यों से पलायन कर गए आदिवासी समाज के लोग पिछले सप्ताह से अपने घरों को लौट रहे हैं। यह पर्व 24 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा।
इस दौरान आदिवासी समाजजन अपनी लोकसंस्कृति के रंगों में रंगे नजर आते हैं। ढोल-मांदल की थाप पर लोकगीत गूंजते हैं और युवा नृत्य करते हैं। यह पर्व विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
भगोरिया हाट से पहले आदिवासी युवक-युवतियां जूते-चप्पल, श्रृंगार सामग्री और कपड़ों की खरीदारी करते हैं। वे आकर्षक वेशभूषा में तैयार होकर हाट में शामिल होते हैं।
आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद, भगोरिया पर्व आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कहां कब लगेगा हाट
24 फरवरी: कुक्षी, करजवानी, लौंगसरी, नालछा, धरमपुरी, तिरला
25 फरवरी: अराडा, सरदारपुर, सलकनपुर
26 फरवरी: डही, रिंगनौद
27 फरवरी: धरमराय, पडियाल
28 फरवरी: कावड़ा, बाबली
1 मार्च: बडवान्या, गंधवानी, टांडा
2 मार्च: बाग, निसरपुर, डेहरी (इस दिन होलिका दहन होगा)





