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खनिज न्यास निधि से संवरेगा आकांक्षी जिलों का भविष्य, राज्य स्तरीय कार्यशाला में बनी रणनीति

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स्वास्थ्य और शिक्षा के सूचकों में सुधार के लिए प्राथमिकता से तैयार होंगी परियोजनाएं; संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म की अध्यक्षता में मंथन

झाबुआ/भोपाल (ब्यूरो): आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ‘संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग’ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय आंतरिक परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु जिला खनिज न्यास (DMF) मद का प्रभावी उपयोग कर विकास के विभिन्न सूचकों (Indicators) में मौजूद ‘गैप’ को भरना रहा।

प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना पर फोकस कार्यशाला में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खनिज न्यास निधि का उपयोग ऐसी परियोजनाओं के लिए किया जाए जो सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी हों। विशेष रूप से उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने को कहा गया जहाँ विकास की गति को तेज करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि आकांक्षी जिलों के रैंकिंग सूचकों में अपेक्षित सुधार हो सके।

स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता: कलेक्टर नेहा मीना कार्यशाला के दौरान झाबुआ कलेक्टर सुश्री नेहा मीना ने जिले की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए बताया कि झाबुआ में जिला खनिज न्यास मद का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा है। इन दोनों क्षेत्रों के सूचकों में सुधार लाने के लिए विशेष परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे आमजन को सीधा लाभ मिल रहा है।

जिला स्तर पर बैठकों के निर्देश संचालक द्वारा निर्देशित किया गया कि जिला स्तर पर भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की जाएं। विभागों से प्राप्त सुझावों को संकलित कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके।

कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षय सिंह मरकाम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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