बिलाल खत्री
बड़वानी जिला शिक्षा अधिकारी शीला चौहान के आदेश अनुसार बड़वानी जिले से चार बच्चे एक मार्गदर्शी शिक्षिका का दल सिवनी पेंच नेशनल पार्क में तीन दिवस तक 27 से 29 अक्टूबर तक शामिल हुआ।
बच्चों ने वन्य जीवन को करीब से देखा
इसका उद्देश्य मोगली की धरती पर वन पर्यावरण और प्रकृति के महत्व को जानना है, शावको, मादा तेंदुआ को देखा। उसमें बच्चों ने वन्य प्राणी और जैव विविधता पर क्विज प्रतियोगिता, न्यूज़ पेपर लेखन, वन्य प्राणियों के संरक्षण से संबंधित फिल्मों को भी देखा। सांभर लंगूर ,लकड़ बग्घा, गौर, चीतल, देखा।बच्चों ने प्रथम दिन ट्रेजर हंट और हैबिटेट सर्च कर उसमें शहीद स्मारक टुरिया का भ्रमण करवाया और जंगल में पहेलियों के माध्यम से वहां के छिपे रहस्य को जानने का प्रयास किया। दूसरे दिन नेचर ट्रेल में बच्चों ने प्राकृतिक चीजों को जाना व बफर जोन में प्रकृति के बारे में विस्तार से समझा ।
तीसरे दिन जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव प्राप्त किया
इस दौरान उन्होंने पेंच राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले विभिन्न वन्य प्राणियों तेंदुआ, मोर, आदि तथा विविध वनस्पतियों एवं जैव विविधताओं को करीब से देखा। अन्य वन्य जीवों को देखकर बच्चे उत्साहित और रोमांचित हुए ।हर साल बच्चों में पर्यावरण और प्रदेश में उपलब्ध जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। इसमें ट्रैकिंग सफारी, क्विज, फिल्म, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा रोचक खेलों को खेला। इस उत्सव मे वरिष्ठ में अर्जुन विदिति व कनिष्ठ में टीना व दीपक तथा मार्गदर्शी शिक्षक अनीता चोयल थे।






